गौमाता को राष्ट्रमाता जहर करने के लिए रामलीला मैदान मे जाहिर रैली

भारतीय गोक्रांति मंच के द्वारा आयोजित और अबडासा (कच्छ) गौशाला ट्रस्ट, कच्छ-भुज के द्वारा संकलित एक विशाल रैली का आयोजन 18 फरवरी 2018, रविवार के दिन रामलीला मैदान मे गौकथा आयोजक श्री गोपाल मणि महाराज के नेतृत्व के अंदर पुरे देशभर से हजारो गौवंश प्रेमीओ की हजारी मे आयोजित करने मे आया है, भारतभर से गौकथा के द्वारा लाखो लोगो को जागृत करने वाले, भारतीय गोक्रांति मंच के गौभक्त श्री गोपाल मणि महाराज ने किये आह्वान के द्वारा हजारो गौभक्त, राजनीतिगणो और सामाजिक कार्यकारो एक मंच पर उपस्थित होकर गायमाता को राष्ट्रमाता घोषित करनेके लिए विशाल रैली का आयोजन करनेमे आए है.

पुरे विश्व को पता है की पेट्रोल-डीज़ल का स्टॉक 35 साल मे ख़तम हो जायेगा तभी भविष्य मे सस्टैनिबले इकोनॉमिक डेवलोपमेन्ट के लिए वैकल्पिक ऊर्जा के स्त्रोत्र के लिए गौमूत्र और गोबर के वैज्ञानिक सिध्द प्रयोग विश्व मे प्रसिद्द हुवे है, पेट्रोल,डीज़ल से 80 किलोमीटर के स्पीड से चलने वाली लंडन की सिटी बस गाय के गोबर से 123 किलोमीटर की स्पीड से चल रही है, यूनाइटेड एयरलाइन्स भी खुद का विमान गाय के गोबर से उडाता है, टोयोटा कंपनी ने अपनी नै कार भी सीएनजी के बदले जीएनजी मतलब गोबर नैचरल गैस के द्वारा रस्ते पर चलाई है, और गूगल ने अपना सर्वर को चलाने के लिए 60 हजार गायों का समूह तैयार किया है.

एक देसी गाय 4 से 5 हजार रूपए मे मिलती है, जिससे किये गए इन्वेस्टमेंट का खर्च 3 महीने मे निकल जाता है, और बाकि जितने वर्ष वह जीती है उतने वर्ष तक हर महीने 1500 रूपए की एक गाय से आमदनी चालू रहती है तो इस दुनिया मे कोनसी ऐसी इंडस्ट्री है जो इतनी बड़ी आवक दे सके.

इसके अलावा गाय के गोबर मैसे स्मशान मे जलानेके लिए लकड़ा बनानेका मशीन केवल ४० हजार रु मे गुजरात के अहमदाबाद मे रहने वाले श्री दिनेशभाई (98240799439) बनाते है, जिसको हर स्मशान मे रख देने से 250 किलो गोबर मै से 100 किल्लो लकड़ी के गोबर बनेंगे जिससे जंगलो से लकडी काटना भी कम हो जायेगा और पर्यावरण की भी विशुद्धि हो. इस तरह गौमूत्र मैसे फिनाइल और गौनाइल बनती है जो केमिकल बिनाका होनेसे उत्तम कार्य करता है, और घर के अंदर अपवित्रता को भी दूर रखता है और पेस्टिसाइड के बजाहे गौमूत्र मैसे बनेवाले जीवमूर्त, दवाई, साबन, पंचगव्य जैसे कई प्रोडक्ट द्वारा एक गाय हर महीने 10 हजार रूपए की आमदनी करके देती है.

केमिकल फर्टीलाइज़र मे 3.2 लाख करोड़ की इम्पोर्ट कॉस्ट को कम करके उसकी सब्सिडी दूर करने मे आए तो देश का कर्ज एक दसक मे ही दूर हो सकता है, और हमारी भूमि की फलद्रुपता भी बढ़ जाएगी, नदी के पानी भी सुद्ध रहेंगे, लोगो का आरोग्य भी सुधर जायेगा, 28 करोड़ प्राणी का 4 टन आर्गेनिक मैन्युअल गिने तो 112 करोड़ टन सेंद्रिय खात अपने देश के 11.29 करोड़ हेक्टर जमीन के प्रतिहेक्टर 10 टन ये उत्तम गोबर दे सकेंगे जिससे गांव गांव मे हजारो लोगो को रोजगार मिलेगा और गांव से लोगो का आमदनी के शहर जाना बंद होगा और अच्छा दूध मिलने से बालको मे कुपोषण कम होगा.
केंद्र सरकार के निति आयोग के केंद्र मे मशीन के बदले गौमाता को रखा जाय तो पूरा देश कर्ज मैसे मुक्त हो सकता है, भारतीय युवा पढ़ी का स्वास्त्य भी सुधर सकता है, 1965 मे निजाम साहबने ब्राजील को 3000 देसी गिर गाय भेट मे दी थी, जिसकी संख्या आज 65 लाख पहोच गयी है, और अपने देश मे जर्सी गाय की बोलबाला है, विदेशी 80 जितने सांढ़ को बंगलौर मे इम्पोर्ट करने मे आए है जो अपने देश के पशुधन को ख़तम करनेका साधन साबित हो सकता है, युद्ध के यह समय मे जल, जमीन, जंगल और प्राणी से नष्ट हुवे ये देश को बहार लाने के लिए सरकार को प्रति फॅमिली 1 एकर जमीन और एक देसी गाय देनी चाइये जिससे हमारा देश का अगले पांच वर्षो मे नवनिर्माण हो सकता है.

हमारी सरकार से बिनती है की,
1) गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाये और केंद्र मे गौमंत्रालय की व्यवस्था की जाय.
2) सम्पूर्ण गौवंश मारनेका प्रतिबंद का कायदा भारत मे लागु किया जाय और मीट एक्सपोर्ट को पूर्ण तरीके से बंद किया जाय.
3) मात्र दूध और घी मे ही नहीं परन्तु गौमूत्र और गोबर मे भी सुवर्ण होने का जूनागढ़ के वैज्ञानिक ने पुरवार किया है, जिससे गौवंश आधारित खेती करने को प्राधान्य मिले और केमिकल फ़र्टिलाइज़र और पेस्टीसाईस को देने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाय.
4) सुप्रीम कोर्ट के दी. 07.05.2014 को राधाकृष्णन और घोष की बेंच के जजमेंट को प्रॉपर्ली इम्प्लीमेंट किया जाय और कोर्ट के आदेश के अनुसार 100 वर्ष जुने ब्रिटिश काल के कायदो को बदल के पेनल्टी और प्रॉसिक्यूशन को बढ़ावा देना चाइये.
5) जल्लिकटु के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार ट्रांसपोर्टेशन रूल और प्रिवेसनीयल ऑफ़ क्रुअलिटीज़ टु एनिमल एक्ट मे बदलाव किया जाये और ट्रान्सपोर्टेशनल रूल्स 125-इ का प्रॉपर इम्प्लीमेंट किया जाना चाइये.
6) 10 साल के बालक को देसी गाय का दूध मिले ऐसी व्यवस्था करने मे आए, जिससे पुरे भारत मे डायाबिटीस और कई रोग कम हो जायेंगे, और जर्सी गाय के दूध पे प्रतिबन्ध लगाया जाय.
7) देश मे गौचर जमीन जो है उसमे गौमताके लिए युस हो ऐसी व्यवस्था कराइ जाय और देस के सब जिल्लो मे देसी नसल के बैल की उपलब्धि कराइ जाय.

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