Category: Poems

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लहराता तिरंगा






लहराता तिरंगा देखकर मन प्रफुलित हो जाये, केशरिया रंग की शान ऐसी मन मे एक ऊर्जा बढ़ाये, देश पर प्राण लुटाने को ये हमारे मन में साहस बढ़ाये, लहराता तिरंगा देखकर मन प्रफुलित हो...

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तिरंगा और आज का युवा






मेरे देश के युवा अब सही रास्तो को खो रहा है। देख के युवाओं की ये हालत,तिरंगा रो रहा है।। हर जगह देश का नक्शा अपने को एक भागती कन्या जैसा दिखा रहा है।...

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चोरी-छिपे ही मोहब्बत निभाता रहा






वो गया दफ़अतन कई बार मुझे छोड़के पर लौट कर फिर मुझ में ही आता रहा कुछ तो मजबूरियाँ थी उसकी अपनी भी पर चोरी-छिपे ही मोहब्बत निभाता रहा कई सावन से तो वो...

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वो हुनर कहाँ से लाऊं,अब अपनी माँ कहाँ से लाऊं……..






मिट्टी से आँगन लीपने का हुनर बस माँ को आता था। मेरे मन की बात समझने का हुनर बस माँ को आता था। बिना कुछ कहे सब समझने का हुनर बस माँ को आता...

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किसान अन्नदाता






किसान अन्नदाता पर दुर्भाग्य ऐसा की उसके हिस्से में ही अन्न नहीं आता कैसा भाग्य ,कैसी नियती ,कैसा तक़दीर का खेल अन्न दाता ही खुद अन्न के एक एक दानें को तरस जाता कर्ज...

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बदलते लोग






दीवारो की दरारों से लोग हालात भांपने लगे, आँखो में दिखती लाली से लोग जज्बात मापने लगे, खुल कर मुस्कुराया जब कोई, तब लोग उसकी मुस्कुराहट के पीछे क्या राज है ताकने लगे, हर...

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व्याकुल मन






अपनी अब तक कि यादें,मन मे हलचल मचाये। शौर मचे कुछ ऐसा,बस अब मन मे ना रुक पाए।। अपने मन की कलम से,करता हूँ प्रयास। आँख खोल दे लेखनी,मिटे मन की प्यास।। समंदर में...

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बढ़ चला हूँ मैं






बढ़ चला हूँ मैं मंजिलों की तरफ… हासिल करने का है जज्बा… रोक न सकेगा, अब ये जमाना…. बढ़ चला हूँ मैं… है ख्वाहिशें, कुछ ख्वाब है ऊँची मेरी उड़ान है आसमान को छूने...

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मर रही इंसानियत आजकल






खाली पड़ा है मय का प्याला आजकल। ऐसा लगता है इसका भी मय से नाता टूट गया है।। आसमाँ में उजाले की कुछ कमी सी है आजकल। ऐसा लगता है कुछ सितारों का अपनो...