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गाजियाबाद को स्वच्छ बनाने के लिए कचरे के संसाधनों में परिवर्तन लाने का जिलाधिकारी ने किया आह्वान

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कमलेश पांडे/वरिष्ठ संवाददाता

गाजियाबाद। जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबन्धन का कार्य सफलता

पूर्वक संचालित करने हेतु यूनिसेफ के माध्यम से सोमवार को होटल रेडीसन ब्लू, गाजियाबाद में जनपद स्तरीय एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने दीप प्रज्जवलित करके  किया।

कार्यशाला में जनपद गाजियाबाद के

प्रत्येक ग्राम पंचायतों के प्रधान व सचिवों ने प्रतिभाग किया। जिसमें ठोस कचरा प्रबन्धन की महत्ता के बारे में सौलिड लिक्विड वेस्ट मेनिजमेंट के राष्ट्रीय विशेषज्ञ डा प्रमोद डबरासे द्वारा आये हुये सचिवों व ग्राम प्रधानों को बताया गया। डा प्रमोद द्वारा ग्रामीण एवं अर्द्वशहरी क्षेत्रों मे ठोस एवं तरल कचरे की स्थिति जिसमें भिन्न प्रकार के कचरे, कचरा प्रबन्धन के सिद्धांत, ठोस एवं तरल कचरे का स्थाई प्रबन्धन एवं तकनीक के विकल्पों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने कहा कि जनपद गाजियाबाद को साफ सुथरा बनाने के लिए हमें कचरे के सन्साधनों में परिर्वतन लाना होगा। जो कि हम

कुशल तकनीक द्वारा एवं पुनरूपयोग द्वारा कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम जन की सहभागिता से जनपद में न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में

सौलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य सराहनीय है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस मूलभूत परिवर्तन में ग्राम प्रधानों का व ग्राम वासियों का बहुत सहयोग रहा है। फिर भी जब तक लोगों के व्यवहार मे परिवर्तन नहीं आयेगा, तब तक कोई इवेन्ट सफल नहीं हो सकता है। इनेशियटिव लेकर कराया जाये तो कोई कार्य असम्भव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि ग्राम भोवापुर जो कि देश के लिए मॉडल निखर कर आया है, उस पर उन्हें गर्व है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज की ठोस अपशिष्ट

प्रबन्धन की कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि जो भी कमियां अपशिष्ट प्रबन्धन में आ रही हैं, जैसे कूड़ा कलेक्शन, गीला व सूखा कूड़ा अलग करना एवं उसके ट्रीटमेन्ट, उन्हें हम फरवरी माह के अन्त तक पूर्ण कर लें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों को

सैनिटरी पैड के उपयोग हेतु यूनिसेफ के अधिकारियों से कहा कि वे जागरूकता लाने में सहयोग करें। ताकि ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियां भी आंतरिक स्वच्छता के बारे में जागरूक हो सके। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट प्रबन्धन में घर-घर को सिखना होगा कि गीला व सूखा कूड़ा हम घर से ही अलग-अलग करके रखें। कूड़ा कलेक्शन की डोर टू डोर गाड़ियों में गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग डाले।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रमेश रंजन, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

This article was last modified on February 6, 2019 4:47 AM

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