X
    Categories: धर्म-अध्यात्म

देश के वरिष्ठ लोगों ने आवाज उठाई

हरिद्वार में हर की पौड़ी पर वरुण बनियान जी के नेतृत्व में युवाओं ने 1 दिन का उपवास रखा। उन्होंने घोषणा की कि जब तक युवा संत का उपवास चलेगा हरिद्वार के युवा काली पट्टी बांध देंगे पूर्व विधायक अमरीश कुमार ने युवाओं को आंदोलन के साथ जुझारू रूप से आगे लड़ने की आगे चलने की बात कही युवा नेता अमरदीप रोशन ने कहा कि हम आंदोलन को तन मन धन से सहयोग करेंगे नगर निगम पार्षद विकास कुमार ने कहा कि हमारी भविष्य के लिए स्वामी सानंद ने अपना बलिदान दिया हम आत्म बोध आनंद जी को बलिदान नहीं देने देंगे हम उनके साथ हैं हम और संतों को नहीं होने देना चाहते गंगा की अविरल ता निर्मलता के लिए हम

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रही क्रमिक अनशन के सातवें दिन आज देश के वरिष्ठतम साथियों का तांता लगा रहा। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले समाज कर्मी, वकील, राजनेता दिन भर आए।  उन्होंने आत्मबोधानंद जी के समर्थन में व गंगा के अविरल प्रवाह के समर्थन में धरना दिया।

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित गांधी विचारधारा वाले श्री संदीप पांडे ने कहा कि हमें गंगा के लिए एक होकर लड़ना होगा।

पर्यावरण संरक्षण और मानव अधिकारों के लिए सर्वोच्च न्यायालय से लेकर हर मंच तक से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक में अपनी आवाज उठाने वाले वकील श्री प्रशांत भूषण जीबी धरने पर बैठे परसों नर्मदा पर बन रही है सरदार सरोवर बांध के खिलाफ मुकदमा लड़ने वाले प्रशांत भाई गंगा के भी कई मुकदमे में लोगों की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जी डी अग्रवाल जी की लंबे अनशन के बाद अस्पताल में जाने पर मृत्यु हुई। अब और भी संत उपवास पर हैं मगर उनकी बात को अनसुना किया जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है। सानंद जी ने गंगा पर पूरा ड्राफ्ट बना कर दिया था उसको ना लागू करके बल्कि और बांध बनाने बनाए जा रहे हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अदालत में मुकदमे हैं जिसे उनको गंभीरता से लेना चाहिए।

महिला आंदोलन की सशक्त नेता और वामपंथी विचारक सुश्री सुभाषिनी अली ने भी धरने पर आकर उपवास का समर्थन देते हुए सरकार के मौन पर आश्चर्य व्यक्त किया कि 103 दिन का युवा संत का उपवास और दिल्ली में 7 दिन से क्रमिक अनशन चालू है तब भी सरकार क्यो नही बात करने आ रही?

राष्ट्रीय गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष व वयोवृद्ध गांधी विचारक श्री रामचंद्र राही जी ने कहां की गंगा की बात कहने वाली सरकार जिसका मुखिया बनारस का सांसद है वह गंगा के दर्द को क्यों नहीं समझ रहा? सरकार को तुरंत संतों से बात करनी चाहिए।संतो की मांग मात्र उनकी नहीं वरन पूरे देश के लोगों की है।

खुदाई खिदमतगार संगठन के नेता फैसल खान ने आप खाकी गंगा सब की है। संतो के बलिदान  के बावजूद भी सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है।

किसान सभा के अध्यक्ष श्री हन्नन मौला भी आज क्रमिक अनशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गंगा नहीं बचेगी तो किसान नहीं बचेगा। हम किसान सभा की ओर से उपवास को पूरा समर्थन देते हैं। हम हमेशा गंगा आंदोलन के साथ रहे हैं। हजारों करोड़ गंगा पर खर्च हुआ मगर वह पैसा कहां गया? ना सफाई हुई और ना गंगा की अविरल तक बची।

धरने पर हरिद्वार से आई वर्षा वर्मा के नेतृत्व में शाम 5:00 बजे

युवा संत आत्मबोधानंद जी के चित्र के साथ जंतर मंतर पर मानव श्रृंखला भी बनाई गई।

युवा संत आत्मबोधानंद जी का इलाहाबाद में कुंभ पर में अनशन जारी है वहां देश के विभिन्न कोनों से आये लोग आकर लगातार उन्हें समर्थन दे रहे हैं ।

हमारा आंदोलन जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक चालू रहेगा जंतर मंतर पर देश के तमाम लोग आंदोलन आकर अपना समर्थन दे रहे हैं जो कि बताता है कि गंगा की आवाज अब अनसुनी नहीं की जा सकती।

This article was last modified on February 5, 2019 6:05 AM

This website uses cookies.