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    Categories: काव्य-उल्लेख

पुलवामा आतंकी हमले का उबाल

पुलवामा के अवंतिपुरा मे एक आत्मघाती ट्रक हमले से स्तब्ध हूँ , सी आर पी एफ के 60 वाहनों के काफिले मे 200 किलो विस्फोटक सहित एक जोरदार टक्कर और जैश और पाक का ये कायराना कुकृत्य असहनिय दर्द देकर चला गया ,  मन बहुत विचलित है । शहीद हुए 30 जवान और 45 घायल हम लोगों के ही पास-पड़ोस, रिश्ते नातो के वीर जवान है  । इस हमले के शिकार ज्यादातर जवान छुट्टियां बिताकर घर से लौट रहे थे ।उनके घरवालों पर क्या बीत रही होगी । ईश्वर उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति दे ।

अब वक्त आ गया है की हम सब घाटी के समस्या को अपने तरीके से सुलझाने के लिए अग्रसर हो । पहला कार्य की वहा से धारा 380 तत्काल खत्म कर वहा हिन्दुओ को बसने की तुरंत व्यवस्था देकर पूरे कश्मीर को  भारत का एक शहरी राज्य घोषित किया जाय ।  महबूबा मुफ्ती और हुर्रियत जैसे अलगाववादियों की लोगों को जो कश्मीर पर अनधिकृत बाते करते है ऐसे लोगो को  अब जेल होनी चाहिए। आतंरिक सुरक्षा का ख्याल रखते हुए हर आतंकी  के मन में डर पैदा करना जरुरी है ।सिर्फ़ राजनैतिक बयानों से ये जख्म भरने वाले नहीं हैं ।

सर्जिकल स्ट्राईक से आगे की बात सोचनी होगी । सिर्फ़ रिएक्सन नहीं बल्कि उससे दो कदम आगे की सोचने की जरुरत है ।पत्थरबाजों को बख्शा नहीं जाना चाहिए । कठोर कार्यवाही हो उनके खिलाफ़  कश्मीर के हर आतंकी को पकड़कर कश्मीर से बाहर जेल में रखा जाय ।हर विद्रोही विचार को मीडिया पूरी तरह बंद करे ताकि उन्हें मुफ्त का प्रचार न मिले । शहीदों के परिवार के विलाप को न दिखाकर देश की मजबूती और लोगों के गुस्से को जाहिर किया जाय ।

विश्व हमें देख रहा है । दुनिया की मजबूत सेनाओं में एक बड़ी सेना है । भारत की सेना  हमें अपनी सेना का मनोबल बढ़ाना है ।उनका हर जगह स्वागत होना चाहिए उन्हें लोगों को सम्मान देना चाहिए ।पाकिस्तान को सबूत नकारने की आदत है इसलिए सबूत नहीं कार्यवाही हो । उसकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की सख्त जरुरत है ।

चुनाव से अधिक महत्वपूर्ण है देश की अस्मिता  चुनाव के मद्देनजर नहीं बल्कि देश के लिए सभी राजनैतिक दलों को एक स्वर में देश के लिए आवाज उठाने और काम करने की जरुरत है । आतंकवादियो के हौसले पस्त है इसलिए वो ऐसे घिनौने हद पर उतर आये है । पाकिस्तान इन आतंकी समूहों को खुले आम शरण और फंडिंग करके अपनी नीचता का प्रमाण दे रहा । एक स्वतन्त्र टिप्पणीकार और लेखक होने के नाते मैं सभी भारतीय नौजवानो से अपील करता हूँ की सक्रिय भूमिका मे आकर किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की सूचना सुरक्षा अधिकारियो को दे । किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को नकारे नही और कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रो मे सेना का खुलकर साथ दे सहयोग करे । अब वक्त आ गया है की कश्मीर को हम भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य बना कर वहा हिंदुत्व की स्थापना करके पुरे पाकिस्तानियो और अलगाववादियों को एक कड़ा संदेश दे कि अब हम किसी आतंकवाद से डरने वाले नही बल्कि मुहतोड़ जवाब देने वाले है ।

—- पंकज कुमार मिश्रा

This article was last modified on February 16, 2019 1:44 AM

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