आज एलपीजी को लेकर एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 94,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो एलपीजी टैंकर भारत की ओर आ रहे हैं, जिनमें से एक आज गुजरात के कच्छ स्थित मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचेगा। दूसरा टैंकर 1 अप्रैल को पहुंचने की संभावना है। इससे देश में एलपीजी की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
तेल और गैस संकट से निपटने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने रविवार को एक और अहम कदम उठाया है, जिसके तहत केरोसिन के उपयोग से जुड़े नियमों में ढील दी गई है। जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ बदलाव लागू किए गए हैं:
- अगले 60 दिनों तक हर जिले के 2 चयनित पेट्रोल पंपों से केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
- ये चयनित पेट्रोल पंप उन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा संचालित होंगे, जो पहले से इस काम में लगी हुई हैं।
- इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन रखने की अनुमति दी गई है।
- इस केरोसिन का इस्तेमाल केवल खाना पकाने और रोशनी प्रदान करने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
केरोसिन प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, सभी सुरक्षा नियमों और संचालन गाइडलाइन्स का पालन अनिवार्य होगा। केरोसिन के स्टॉक, सप्लाई और वितरण से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसकी जांच की जा सके। इसके अलावा, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां किसी भी समय निरीक्षण कर सकती हैं। केरोसिन वितरित करने वाले एजेंट और डीलरों को कुछ विशेष लाइसेंस से छूट प्रदान की गई है, जिससे उनके काम को सुगम बनाया जा सके। साथ ही, टैंकरों से केरोसिन उतारने की प्रक्रियाओं को भी सरल किया गया है।
भोपाल में खाद्य विभाग ने छापेमारी कर चार से पांच लोगों को पकड़ा, जिन्होंने 59 सिलेंडर छुपाकर रखे हुए थे। सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया। दूसरी ओर, लखनऊ में पेट्रोल की समस्या अब हल हो चुकी है, लेकिन एलपीजी सिलेंडरों के लिए अब भी लोगों की भीड़ लगी हुई है। सिलेंडर वितरण पुलिस की निगरानी में किया जा रहा है। इसी बीच, आज एक एलपीजी टैंकर के पहुंचने से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

