Stock Market Surge: बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स ने बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद 2900 अंकों की बड़ी छलांग लगाई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 800 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया.

शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखी गई है. दोनों प्रमुख मार्केट इंडेक्स जबरदस्त बढ़त के साथ खुले और दिन चढ़ने के साथ उनकी रफ्तार भी बरकरार रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex), जिसमें 30 कंपनियों के शेयर शामिल हैं, करीब 2900 अंकों की छलांग लगाते हुए ट्रेड कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 800 अंकों की मजबूती बनाए हुए है. इस तेज शुरुआत के साथ ही बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (BSE MCap) एक ही झटके में 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया.

सेंसेक्स और निफ्टी ने तेज़ी से आसमान छुआ

सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद स्तर 74,616.58 की तुलना में जबरदस्त बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और शुरुआती घंटों में ही 77,290 के स्तर पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान रफ्तार और बढ़ी, जिससे सेंसेक्स 2,900 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 77,558 के स्तर तक पहुंच गया. इसी तरह निफ्टी ने भी मजबूती दिखाई. यह अपने पिछले बंद स्तर 23,123.65 की तुलना में तेजी के साथ 23,855 पर खुला और फिर 800 अंकों की बढ़ोतरी के बाद 23,961 के स्तर पर कारोबार करने लगा. बाजार की इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई मुख्य कारण नज़र आ रहे हैं.

प्रमुख कारण: अमेरिका-ईरान सीजफायर अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा समय से चली आ रही युद्ध जैसी स्थिति अब शांत होती दिख रही है. हाल ही में दोनों देशों ने दो सप्ताह के सीमित संघर्षविराम पर सहमति जताई है. इस घटनाक्रम ने ग्लोबल तनाव को कम करने की उम्मीदें बढ़ाई हैं और इसका सकारात्मक प्रभाव निवेशकों की भावना पर पड़ा है, जिसके चलते शेयर बाजार में ऐसी उछाल देखने को मिली.

दूसरा कारण: क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट बाजार में तेज़ी के अगले बड़े कारण का संबंध अमेरिका-ईरान सीजफायर से है. जैसे ही यह खबर सामने आई, लगातार बढ़ रहे क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई. Brent Crude की कीमत में 13 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जिससे यह करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, WTI Crude भी इसी स्तर के करीब ट्रेंड करता दिखा. कच्चे तेल की कीमतों में इस गिरावट ने महंगाई कम होने की संभावना पैदा की है, जिसने बाजार को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया.

तीसरा कारण: रुपये में तेज सुधार अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के फैसले का सीधा प्रभाव भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। भारतीय रुपया, जो पिछले दिनों अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता जा रहा था और नए-नए निचले स्तर छू रहा था, उसने बुधवार को करेंसी मार्केट खुलते ही राहत की सांस ली। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 50 पैसे की मजबूती हासिल की और 92.56 के स्तर पर पहुंच गया।

चौथा कारण: वैश्विक बाजारों में जोरदार तेजी विदेशी बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखा। अमेरिका और ईरान के बीच शांति की खबर से न सिर्फ अमेरिका बल्कि अन्य एशियाई बाजारों में भी बुधवार को बाजार खुलते ही बड़ी तेजी देखी गई। गिफ्ट निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में करीब 800 अंकों की उछाल दर्ज की। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों का प्रभाव भारतीय शेयर सूचकांकों जैसे सेंसेक्स और निफ्टी में तेज बढ़त के रूप में देखा गया।

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