पीरियड ड्रामा और अलग-अलग समयकाल पर आधारित कहानियों का दर्शकों के बीच हमेशा एक खास आकर्षण रहा है। ये फिल्में हमें एक अलग दौर में ले जाती हैं – चाहे वह आज़ादी की लड़ाई हो, ऐतिहासिक साम्राज्य हों या फिर बीते समय की भावनात्मक कहानियां। आने वाले महीनों में भारतीय सिनेमा के कई कलाकार ऐसे किरदार निभाते नज़र आएंगे, जो उन्हें बिल्कुल अलग समय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में ले जाएंगे। भव्य ऐतिहासिक फिल्मों से लेकर गहरी भावनाओं से भरी प्रेम कहानियों तक, ये फिल्में दर्शकों को समय की एक खास यात्रा पर ले जाने का वादा करती हैं। 

इन फिल्मों के ज़रिए साफ है कि भारतीय सिनेमा में अलग-अलग दौर की कहानियों को लेकर एक नई दिलचस्पी देखने को मिल रही है, जहां कलाकार भी अपने किरदारों के ज़रिए इतिहास को फिर से जीवंत करने के लिए तैयार हैं। आइए जानते हैं उन कलाकारों के बारे में जो जल्द ही स्क्रीन पर अलग दौर को जीवंत करते नज़र आएंगे।

अली फज़ल और सनी देओल – बंटवारा 1947 (1947 के दौर पर आधारित):

अली फज़ल और सनी देओल फिल्म बंटवारा 1947 में साथ नज़र आएंगे, जो भारत के विभाजन के भावनात्मक और उथल-पुथल भरे समय पर आधारित है। यह फिल्म उस ऐतिहासिक दौर की मानवीय कीमत को दिखाने की कोशिश करती है। जहां सनी देओल अपने दमदार और देशभक्ति से जुड़े किरदारों के लिए जाने जाते हैं, वहीं अली फज़ल की मौजूदगी कहानी में गहराई जोड़ती है। फिल्म में उस समय के दौरान लोगों के नुकसान, संघर्ष और पहचान की कहानियों को दिखाया जाएगा, जब लाखों जिंदगियां बदल गई थीं।

विकी कौशल, आलिया भट्ट और रणबीर कपूर – लव एंड वॉर (1960 के दौर पर आधारित):

हाल के समय की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक लव एंड वॉर में विकी कौशल, आलिया भट्ट और रणबीर कपूर एक साथ नज़र आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। यह फिल्म पुराने दौर पर आधारित है और इसमें भव्यता, भावनाएं और गहरी कहानी देखने को मिलेगी, जिसके लिए भंसाली जाने जाते हैं। एक प्रेम कहानी के जरिए यह फिल्म उस समय की सामाजिक और भावनात्मक जटिलताओं को दर्शाएगी।

सई एम. मांजरेकर – इंडिया हाउस (1905 के दौर पर आधारित)/

सई एम. मांजरेकर फिल्म इंडिया हाउस में नज़र आएंगी, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौर पर आधारित है। यह कहानी लंदन में रह रहे भारतीय क्रांतिकारियों की गतिविधियों को दिखाती है। सई के लिए यह फिल्म एक अलग तरह का अनुभव है, जहां वे एक ऐसे किरदार को निभाएंगी जो राजनीतिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण समय से जुड़ा है। यह फिल्म आज़ादी की लड़ाई के एक कम जाने गए पहलू को सामने लाने का वादा करती है।

]प्रभास – फौजी (1940 के दौर पर आधारित):

प्रभास फिल्म फौजी में नज़र आएंगे, जो एक तेलुगु फिल्म है और कई भाषाओं में डब की जाएगी। यह फिल्म एक ऐतिहासिक सैन्य पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें प्रभास एक बिल्कुल अलग समय के किरदार में नज़र आएंगे। बड़े स्तर की फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले प्रभास इस फिल्म में भी कहानी को भव्यता और भावनात्मक गहराई देने वाले हैं।

यश और अक्षय ओबेरॉय – टॉक्सिक (1940-70 के दौर के बीच): कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता है। फिल्म की कहानी को फिलहाल गोपनीय रखा गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह एक अलग दौर से प्रेरित स्टाइलिश दुनिया में सेट है। इस फिल्म में अक्षय ओबेरॉय भी अहम भूमिका में नज़र आएंगे, जो कहानी को और दिलचस्प बनाते हैं। यह फिल्म अलग-अलग इंडस्ट्री के कलाकारों को साथ लाने वाली एक बड़ी प्रोजेक्ट मानी जा रही है।

रितेश देशमुख – राजा शिवाजी (17वीं सदी पर आधारित):

रितेश देशमुख फिल्म राजा शिवाजी में एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण किरदार निभाने जा रहे हैं। यह फिल्म महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके योगदान पर आधारित है। रितेश, जो अक्सर कॉमेडी और आधुनिक किरदारों में नज़र आते रहे हैं, इस फिल्म के ज़रिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म शिवाजी महाराज की वीरता, नेतृत्व और विरासत को दर्शकों के सामने पेश करेगी।

Ahmed Khan

Media Relations

Hardly Anonymous Communications

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