अप्रैल का महीना कई नए बदलावों के साथ शुरू हो चुका है, और इन बदलावों ने आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही महंगाई ने ऐसा असर डाला है कि अप्रैल का पहला दिन ‘महंगाई दिवस’ कहलाने लायक बन गया है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, वहीं हवाई ईंधन की कीमतें एक झटके में दोगुनी कर दी गई हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में एफएंडओ ट्रेडिंग पर भी महंगाई का सीधा असर पड़ा है। आइए, ऐसे पांच मुख्य झटकों पर नज़र डालते हैं…

महंगाई की मार: एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा

महंगाई का पहला असर एलपीजी उपभोक्ताओं पर पड़ा है। हालाँकि 7 मार्च को 14 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी की है। यह वृद्धि खासकर होटल-रेस्टोरेंट उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। 1 अप्रैल से देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 218 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 2078.50 रुपये, कोलकाता में 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये तय की गई है।

महंगाई का दूसरा झटका: एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम दोगुने

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच महंगाई का सबसे ज्यादा असर हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर देखने को मिला है। पहली बार इसकी कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के आंकड़े को पार कर गई है और यह पहले के मुकाबले दोगुने से ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली में 1 मार्च को 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर रहने वाले दाम अब सीधे 2,07,341.22 रुपये तक पहुंच गए हैं। इसी तरह, कोलकाता में 99,587.14 रुपये से बढ़कर 2,05,955.33 रुपये, मुंबई में 90,451.87 रुपये से 1,94,968.67 रुपये और चेन्नई में 1,00,280.49 रुपये से उछलकर 2,14,597.66 रुपये प्रति किलोलीटर हो गए हैं। हवाई ईंधन में इस तेज बढ़ोतरी का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने का अनुमान है, क्योंकि इससे हवाई यात्रा की लागत और अधिक बढ़ सकती है।

महंगाई की नई मार: एटीएम से लेन-देन अब होगा महंगा

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही बैंकों ने एटीएम ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव कर ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त भार डाल दिया है। HDFC बैंक के एटीएम से अगर आप UPI का इस्तेमाल कर कैश निकालते हैं, तो अब यह निकासी एटीएम की फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिनी जाएगी, जो पहले ऐसा नहीं होता था। महानगरों में HDFC बैंक ने 5 फ्री ट्रांजैक्शन और अन्य स्थानों पर 3 फ्री ट्रांजैक्शन की छूट दी है। इसके बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये के चार्ज और टैक्स का बोझ उठाना होगा।

HDFC बैंक के साथ-साथ PNB और बंधन बैंक ने भी ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है। पंजाब नेशनल बैंक ने 1 अप्रैल से कुछ कार्ड पर डेली विद्ड्रॉल लिमिट को घटाकर ₹1 लाख से ₹50,000 कर दिया है। उधर, बंधन बैंक ने भी एटीएम लेन-देन के नियमों में बदलाव किया है। बंधन बैंक में फ्री लिमिट पार करने के बाद प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजैक्शन के लिए 23 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा, अगर आपके बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न होने की वजह से एटीएम लेन-देन फेल होता है, तो ग्राहकों को 25 रुपये की पेनल्टी का भुगतान करना होगा।

महंगाई का चौथा प्रहार: एफ एंड ओ ट्रेडिंग पर बढ़ा बोझ

1 अप्रैल से महंगाई का असर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों पर भी दिखने लगा है. हालांकि, इसका संकेत पहले ही वित्त मंत्री ने बजट में दिया था, और अब यह लागू हो चुका है. दरअसल, अप्रैल की शुरुआत से सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) की दरें बढ़ा दी गई हैं. यदि आप फ्यूचर एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) ट्रेडिंग करते हैं, तो अब आपको पहले के मुकाबले ज्यादा एसटीटी चुकाना होगा. फ्यूचर पर एसटीटी में 150% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि ऑप्शन पर यह दर लगभग 50% तक बढ़ गई है.

महंगाई की मार: अब कारें भी हुईं महंगी

अप्रैल के पहले दिन से कार खरीदना और भी महंगा हो गया है, क्योंकि कई प्रमुख कार निर्माताओं ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। Tata Motors ने अपनी पेट्रोल और डीजल (ICE) गाड़ियों के दाम लगभग 0.5% बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं, MG Motors ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल से उनके पूरे वाहन पोर्टफोलियो (पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक) की कीमतों में 2% की वृद्धि होगी। लग्जरी कार कंपनियां जैसे Mercedes-Benz, BMW और Audi ने भी अपनी गाड़ियों के दाम 2% तक बढ़ाने की बात कही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *