टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में बिहार दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। इस मौके पर भारतीय समुदाय के लोग, विशेष अतिथि और भारत के मित्र एक साथ आए और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योगदान का जश्न मनाया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी अपने परिवार के साथ शामिल हुए, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जापान में भारत की राजदूत महामहिम नगमा मोहम्मद मलिक थीं। उन्होंने अपने संबोधन में बिहार के ऐतिहासिक महत्व और उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर पंकज त्रिपाठी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “बिहार की मिट्टी से जो सादगी, संघर्ष और संवेदनशीलता मिलती है, वही मेरी पहचान की नींव है। लेकिन इससे भी बढ़कर, बिहार एक एहसास है, जो आप दुनिया में कहीं भी जाएं, आपके अंदर हमेशा रहता है। आज टोक्यो में खड़े होकर, उन लोगों के बीच जो अपने दिल में बिहार को बसाए हुए हैं, मुझे गर्व और अपनापन दोनों महसूस हो रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “बिहार को खास बनाता है सिर्फ उसका इतिहास नहीं, बल्कि वहां के लोग, उनकी मेहनत, उनका अपनापन और मुश्किलों के बावजूद बड़े सपने देखने की ताकत। आज दुनिया भर में बसे बिहारी अपने काम, प्रतिभा और ईमानदारी से अपनी पहचान बना रहे हैं। चाहे कला हो, पढ़ाई, व्यापार या सेवा, वे हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “विदेश में बिहार दिवस जैसे आयोजन हमें हमारी जड़ों की याद दिलाते हैं। ये हमें हमारी संस्कृति, हमारे मूल्यों और हमारी पहचान से जोड़ते हैं। मेरे लिए यह बहुत भावुक पल होता है, क्योंकि यह मुझे मेरे सफर, मेरी परवरिश और उन सभी चीज़ों की याद दिलाता है जिन्होंने मुझे आज का इंसान और कलाकार बनाया। अपने परिवार के साथ यहां होना इसे और भी खास बना देता है, क्योंकि यह सिर्फ एक राज्य का जश्न नहीं, बल्कि उस जुड़ाव को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की बात भी है।”

अंत में उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जब हम आगे बढ़ते हैं, तो अपनी जड़ों से जुड़े रहना हमें ताकत और स्पष्टता देता है। बिहार की कहानी विरासत, सीख और अनगिनत संभावनाओं की कहानी है, और मैं खुद को इसका एक छोटा सा हिस्सा होने पर गर्व महसूस करता हूं।”

इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार एवं झारखंड एसोसिएशन, जापान चैप्टर के अध्यक्ष आनंद विजय सिंह के सहयोग से किया गया। इसमें बिहार की समृद्ध संस्कृति को पारंपरिक संगीत, नृत्य और व्यंजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही, मेहमानों को बिहार की कला, संस्कृति और व्यापार, पर्यटन व निवेश के नए अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का समापन बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जिसने जापान में भारतीय समुदाय के बीच एकता, सांस्कृतिक गर्व और वैश्विक जुड़ाव की भावना को और मजबूत किया।

Ahmed Khan

Media Relations

Hardly Anonymous Communications

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