हिमाचल प्रदेश के किन्नौर इलाके में गुरुवार रात भारी बारिश के बाद चोलिंग में मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया, जिससे दो गाड़ियां दब गईं। राज्य भर में 60 सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और जालौन सहित पांच शहरों में बारिश हुई, जिसमें उन्नाव में पानी घरों तक पहुंच गया। गुजरात के वलसाड में सड़कों पर पानी भर गया, गाड़ियां बंद हो गईं। जामनगर में दो बच्चे पानी में बह गए, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया। सोमनाथ के सूत्रपाड़ा में भी घरों में पानी भर गया। मध्य प्रदेश में मानसून तेज रफ्तार से पहुंच गया है और 9 दिनों के भीतर पूरे राज्य में सक्रिय हो गया। धार, बड़वानी, खरगोन और देवास जिलों में अगले 24 घंटों में 4 से 8 इंच बारिश होने की संभावना है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण राम घाट के पास स्थित मंदिर डूब गए हैं।
राजस्थान के जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोटा, बारां और झालावाड़ में तेज बारिश की चेतावनी दी है। उत्तराखंड में, रुद्रप्रयाग और चमोली समेत कई जिलों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है।
मानसून ने इस साल भारत में 1 जून के बजाय 4 जून को दस्तक दी, जो 3 दिन की देरी को दर्शाता है। इस दौरान, कई राज्यों में इसकी गति धीमी रहने लगी थी। बीच-बीच में ‘ब्रेक मानसून’ जैसी स्थितियों की वजह से यह आशंका उभरी थी कि इस बार मानसून पूरे देश में सामान्य समय से देर से पहुंचेगा। लेकिन जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और अनुकूल परिस्थितियों ने मानसून को नई गति प्रदान कर दी। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 जुलाई तक मानसून के पूरे भारत को कवर कर लेने की संभावना है, जबकि सामान्यत: यह 8 जुलाई तक होता है। इसका मतलब है कि शुरुआती सुस्ती के बावजूद, मानसून अपनी सामान्य प्रगति के करीब पहुंच चुका है। हाल ही में मौसम विभाग ने यह भी बताया कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।
अगले 2 दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
4 जुलाई: छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अंदेशा है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में तेज हवा चल सकती है।
राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में लू का प्रकोप जारी रहेगा।
5 जुलाई: आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश देखी जा सकती है। सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के समुद्री इलाकों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

