कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शनिवार को होने वाले प्रदर्शन के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अत्यधिक सख्ती बरतने पर कड़ी फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ चीजों को रोकना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए केवल उतनी ही कार्रवाई होनी चाहिए जितनी सच में जरूरी हो।
उन्होंने कहा कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का प्रयोग करना उपयुक्त नहीं है। यह बात हमेशा ध्यान में रखी जानी चाहिए। इस संज्ञा के साथ, कोर्ट ने मेट्रो बंद करने के आदेश को खारिज कर दिया। मामले की बात करें तो, कल होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए आज रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की योजना थी। इसके साथ ही, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर आने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की गई थी। रेलवे प्रशासन ने इन ट्रेनों को उनके प्रारंभिक स्टेशनों से ही बंद कर दिया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने दिल्ली जाने वाली 13 ट्रेनों को दो दिनों के लिए रद्द कर दिया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी हुई है। लोग सभी ट्रेनों का इंतजार करते हुए बैठे हुए नजर आ रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हरियाणा में सुरक्षा सख्ती बढ़ा दी गई है। पानीपत से लेकर दिल्ली तक रेलवे स्टेशनों के बाहर चेकप्वाइंट्स बनाए गए हैं। टिकरी, बदरपुर, कापसहेड़ा और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा है। इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दिल्ली जा रहे पानीपत से कांग्रेस के पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि को पुलिस ने रास्ते में हिरासत में ले लिया।
दिल्ली में कल स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन क्लासेस का आयोजन करेंगे। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों और मेट्रो सेवा के बंद होने के कारण, दिल्ली के कई स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। पेरेंट-टीचर मीटिंग का समय बदल दिया गया है और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। उसने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मेट्रो और अन्य ट्रेनों की आवाजाही को इस प्रकार नियंत्रित करने के उपाय करें जिससे आम जनता को असुविधा न हो। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि इस निर्णय की जानकारी सार्वजनिक की जाए और यात्रा कर रहे लोगों को परेशानी से बचाने के लिए अखबारों और वेबसाइटों पर एडवाइजरी जारी की जाए।
प्रदर्शन पर सख्ती से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान चार प्रमुख पहलुओं पर चर्चा हुई:
आम लोगों की सुविधा: आम नागरिकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना चाहिए। केवल यही सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है।
सुरक्षा बनाम अधिकार: रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर पहले से ही सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हैं। सरकार इनके उपयोग के लिए स्वतंत्र है, लेकिन आम जनता के पास भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और स्टेशन तक पहुंचने का पूरा अधिकार होना चाहिए।
सख्त टिप्पणी: मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करना क्या उचित है? प्रदर्शन स्थल: जंतर-मंतर का स्थान प्रदर्शन के लिए बहुत छोटा है। ऐसे में किसी बड़े स्थान को चिन्हित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

