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डीयू में प्रवेश के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा छात्रों के लिए वरदान

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में नौ पूर्व स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में शामिल होने को इच्छुक छात्रों को एक अतिरिक्त लाभ मिलेगा। प्रवेश परीक्षाएं उन्हें अग्रणी कॉलेजों में प्रवेष लेने और अच्छी नौकरी पाने की संभावनाओं को भुनाने का मौका प्रदान करती हैं।

किसी छात्र की योग्यता की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि बारहवीं कक्षा में उनके बोर्ड के अंक। दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी कॉलेज में प्रवेश पाना अधिकतर छात्रों का सपना होता है और कई इच्छुक छात्रों के लिए यह सही जगह भी है। लेकिन यहां प्रवेष के लिए कट-ऑफ अधिक होने के कारण, उनके अधिकांश सपने चकनाचूर हो जाते हैं।

प्रथम एजुकेषन के प्रमुख श्री अंकित कपूर कहते हैं, ‘‘इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में जहां अधिक कट ऑफ आपके सपनों के कॉलेज में प्रवेश पाने की संभावना को छीन लेती है, प्रवेश परीक्षा सहायक साबित होती है। ये कॉलेज आपको एक अवसर प्रदान करते हैं और आपको कैरियर बनाने के लिए ढेर सारे विकल्प प्रदान करते हैं। ये पाठ्यक्रम छात्रों को अकादमिक और आर्थिक रूप से बेहतर करियर प्राप्त करने में मदद करते हैं। कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षाओं के षुरू होने से कई छात्रों का तनाव कम हो गया और उन्होंने कई पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना है।’’

दिल्ली विश्वविद्यालय मैनेजमेंट स्टडीज, बीबीए, बीए (अर्थशास्त्र), बीए ऑनर्स (पत्रकारिता) जैसे पाठ्यक्रमों के लिए मई-जून के महीने में कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित करता है। इस तरह के पाठ्यक्रम छात्रों को सीखने और व्यावहारिक दृष्टिकोण के माध्यम से कई संगठनों में विभिन्न प्रबंधन पदों के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करते हैं।

विश्वविद्यालय के अधिकारी के अनुसार, स्नातक पाठ्यक्रमों में लगभग 1600 सीटें हैं जिनके लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। छात्र इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं कि ये प्रवेश परीक्षा बहुत कठिन होगी जो कि सच नहीं है। इन प्रवेश परीक्षाओं में क्वांटिटेटिव टेक्नीक, लॉजिकल रिजनिंग, वर्बल एबिलिटी और जेनरल अवेयरनस से संबंधित सवाल होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विशेष पाठ्यक्रमों के आधार पर, इन बुनियादी क्षेत्रों के अलावा आवश्यकता के अनुसार कुछ विशिष्ट प्रश्न भी पूछे जाते हैं। इन परीक्षाओं के लिए पंजीकरण अप्रैल में शुरू होते हैं। इन परीक्षाओं में षामिल होने को इच्छुक छात्र बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद उनके लिए तैयारी शुरू कर सकता है। डीयू में प्रवेश परीक्षाओं में षामिल नहीं हो सकने वाले या असफल होने वाले छात्रों के लिए उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए, हमारे पास विशेष रूप से तैयार किया गया कैप्सूल कोर्स भी है। ”

ऐसी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं को पास करने के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने में, प्रथम एजुकेशन लगभग षत प्रतिषत सफलता दर के साथ 10 वर्षों से इस क्षेत्र में अग्रणी रहा है।

यहां उपलब्ध कराई गई सामग्री और अध्ययन सामग्री विशेष रूप से परीक्षा के बदलते रुझान और पैटर्न के आधार पर वर्षों से तैयार की जाती रही है। व्यापक शोध के साथ, और कक्षा शिक्षण पद्धति में सर्वश्रेष्ठ, प्रथम इंस्टीच्यूट में संकाय छात्रों के लिए एक बेहतर कल की नींव सुनिष्चित करता है।

This article was last modified on February 16, 2019 6:18 AM

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