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लोकसभा चुनाव: ८ फीसदी वीवीपैट ने दिया दगा, १३८१९ मशीनों का हुआ इस्तेमाल (१३आरएस37ओआई)

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में पहली बार सभी बूथों पर वोटर वैरिफायड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के इस्तेमाल से भी वोटरों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। पारदर्शिता और निष्पक्षता को साबित करने के लिए वीवीपैट मशीनों ने आखिरी वक्त में सबसे अधिक अधिक दगा दिया।

मॉक पोल के दौरान मतदान के लिए जरूरी उपकरणों की जांच के बाद मानकों के मुताबिक तैयार वीवीपैट, ईवीएम, कंट्रोल यूनिट और बैलट यूनिट को बदला गया। मॉक पोल और रविवार को हुए मतदान के दौरान ८ फीसदी वीवीपैट मशीनें दगा दें गईं। मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पाटिNयों की ओर से वोट को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों पर विराम लगाने के लिए इस लोकसभा चुनाव में वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया,

लेकिन इसमें कुछ खराबी आने से यह साबित हो गया कि इसमें भी कमियों की गुंजाइश थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिहाज से जरूरी सभी उपकरणों के बारे में मॉक पोल में खुलासा हुआ। वीवीपैट में ८ फीसदी, कंट्रोल यूनिट में ०.७ फीसदी, जबकि बैलट यूनिट में ०.७ फीसदी तकनीकी कमियां सामने आने पर उन्हें बदल दिया गया। चुनाव में १३८१९ कंट्रोल यूनिट और इतनी ही वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया।

इस दौरान २५ हजार से अधिक बैलट यूनिट्स का उपयोग किया, जबकि रिजर्व में भी इन उपकरणों को रखा गया था, ताकि मतदान के दौरान खराबी की शिकायत पर आसानी से निपटते हुए मतदान प्रक्रिया को निर्बाध जारी रखना संभव हो।

मतदान के दौरान अधिकतर मतदाताओं को वीवीपैट के बारे में जानकारी नहीं थी। मतदान के बाद बाहर निकलने पर जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस बारे में किसी तरह की जानकारी न होने की बात कही।

This article was last modified on May 13, 2019 6:05 AM

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