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नगर आयुक्त दिनेश चंद ने नगर निगम के विभिन्न विभागों में किया औचक निरीक्षण

गाजियाबाद। नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र ने गाजियाबाद नगर निगम के मुख्य कार्यालय के विभिन्न अनुभागों व विभागों का औचक निरीक्षण कार्यभार संभालने के दूसरे दिन ही किया। इससे निगमकर्मियों में हड़कंप मच गया। सर्वप्रथम नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र द्वारा पंचम तल स्थित अपर नगर आयुक्त के कार्यालय एवं लेखा विभाग का निरीक्षण किया गया। इसी तल पर स्थित आई.टी. सैल का भी निरीक्षण किया गया।

इस दौरान उन्होंने आई.टी. सैल में तैनात कम्प्यूटर आपरेटरों से दूरभाष पर प्राप्त शिकायतों के बारे में अद्यतन जानकारी ली। इस पर सम्बन्धित आपरेटर द्वारा अवगत कराया गया कि जिस दूरभाष पर शिकायत प्राप्त होती है, वह काफी समय से खराब चल रहा है। साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायत भेजने वाले पोर्टल में भी समस्या होने के कारण शिकायतें सम्बन्धित अधिकारी को प्रेषित नहीं की जा पा रही हैं।

वहीं, आई.टी. सैल में ही तैनात दूसरे कम्प्यूटर आपरेटर से जब उन्होंने जानकारी ली तो उनके द्वारा सम्बन्धित पोर्टल खोल कर नगर आयुक्त दिनेश चंद को दिखाया गया जिसमें बुद्धवार को 42 शिकायतें डिफाल्टर पायी गयी। इसके बाद उन्होंने सभी शिकायतों का अतिशीघ्र निस्तारण कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया। साथ ही आई.टी.सैल में खराब इन्टरनेट व उपकरणों को तत्काल ठीक कराने हेतु प्रभारी कम्प्यूटर को निर्देशित किया।

ततपश्चात, नगर आयुक्त दिनेश चंद ने चतुर्थ तल स्थित विधि विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां पर उपस्थित विधि लिपिक से मुकदमों के बारे में जानकारी ली। इस पर सम्बन्धित लिपिक फारुख अली खां द्वारा विभिन्न न्यायालयों में लम्बित मुकदमों की सूची प्रस्तुत की गयी, जिस पर नगर आयुक्त ने आर एन पाण्डेय, अनआ सह वरिष्ठ प्रभारी (विधि) को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लम्बित अति महत्वपूर्ण वादों की सूची सहित पत्रावलियां उनके समक्ष प्रस्तुत की जायें।

फिर, उन्होंने चतुर्थ तल पर ही स्थित प्रकाश विभाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय नगर निगम सीमान्तर्गत प्रकाश बिन्दुओं को एलईडी लाईट में परिवर्तित करने वाली फर्म द्वारा किये गये कार्य की जानकारी प्राप्त की गयी। इस पर सम्बन्धित लिपिक द्वारा नगर आयुक्त को अवगत कराया गया कि फर्म द्वारा कार्य को पूरा नहीं किया गया है। इस पर नगर आयुक्त द्वारा उसकी पत्रावली सायंकाल तक उनके समक्ष प्रस्तुत करने हेतु प्रभारी प्रकाश विभाग मनोज प्रभात को निर्देशित किया।

उसके बाद, उन्होंने चतुर्थ तल पर ही स्थित जलकल विभाग का  निरीक्षण किया। वहां पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटर से उन्होंने नगर निगम सीमान्तर्गत संचालित पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियों आदि की जानकारी ली। उसके बाद सम्बन्धित आपरेटर द्वारा संचालित पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियों आदि की जानकारी दी ली। फिर नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि नगर निगम द्वारा संचालित सभी पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियों आदि को ऑनलाइन कराकर उनको नगर निगम के मैप पर भी एक सप्ताह के अन्दर अंकित करते हुए जलकल विभाग की दीवार पर लगवा दिया जाये।

ततपश्चात, नगर आयुक्त दिनेश चंद तृतीय तल स्थित निर्माण विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देवी सिंह, अवर अभियन्ता (सिविल) के कक्ष का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय वह अपने कक्ष में कार्य करते हुए मिले। उसके पश्चात निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता आई.सी. त्यागी के कार्यालय कक्ष का निरीक्षण किया, जहां पर लगा इन्टरकॉम फोन बन्द पाया। फिर उसको ठीक कराने हेतु मौके पर ही नाजिर को निर्देशित किया।

नगर आयुक्त दिनेश चन्द ने द्वितीय तल स्थित स्वास्थ्य विभाग के जन्म-मृत्यु कक्ष में भी निरीक्षण किया। इस  दौरान उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों की जानकारी ली। जिसमें आज प्राप्त 62 जन्म प्रमाण-पत्र हस्ताक्षर हेतु लम्बित पाये गये। साथ ही, एक मृत्यु प्रमाण-पत्र जो काफी समय से लम्बित पड़ा पाया गया, उसका भी उन्होंने संज्ञान लिया। इस पर नगर आयुक्त द्वारा प्र. नगर स्वास्थ्य अधिकारी वीपी शर्मा को निर्देशित किया गया कि सभी जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों को प्रतिदिन हस्ताक्षर कर सम्बन्धित व्यक्तिं को दूरभाष पर सूचित कर प्राप्त करा दिये जाये। इसके अतिरिक्त जो प्रमाण-पत्र बन कर तैयार परन्तु सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा प्राप्त नहीं किये गये हैं उनको 2 दिवस के अन्दर कैम्प लगाकर नगर आयुक्त के माध्यम से वितरित करा दिये जायें।

स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ रूप में निरीक्षण के समय नगर आयुक्त द्वारा स्वयं अलमारियों से कर्मचारियों की पत्रावलियां निकालकर उनका अध्ययन किया गया।जिसमें अधिकांश सफाई कर्मचारियों की सेवापुस्तिका अपूर्ण पायी गयी। इसके बाद, नगर आयुक्त द्वारा प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं सम्बन्धित लिपिक को कड़ीं फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर प्रत्येक दशा में सभी कर्मचारियों की सेवापुस्तिकाएं आदि का कार्य पूर्ण कर लिया जाये।

द्वितीय तल स्थित पीआईयू कक्ष का भी उन्होंने निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय सभी कर्मचारी तैनात पाये गये। नगर आयुक्त द्वारा वहां की कार्य-प्रणाली की जानकारी लेते हुए स्वयं कम्प्यूटर के माध्यम से जी.पी.एस.लगी गाड़ियों का जायजा लिया। गाड़ी ड्राईवारों द्वारा किये जा रहे कार्य को संतोषजनक पाये जाने पर दिनेश चन्द्र, नगर आयुक्त द्वारा प्र. नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिस ड्राईवर द्वारा एक माह में सबसे अच्छा कार्य करके दिखाया जाये, उसको पुरस्कृत किया जाये। साथ ही, जिस ड्राईवर द्वारा कार्यो में लापरवाही बरती जाये उसके कार्यो में सुधार लाये जाने हेतु कड़े प्रयास किये जाये।

नगर निगम में वाहनों पर लगाये गये जी.पी.एस. सिस्टम व कूड़े की गाड़ियों पर कार्य करने वाले ड्राईवरों की सराहना करते हुए नगर आयुक्त द्वारा प्रभारी वाहन मनोज प्रभात को निर्देशित किया कि नगर निगम के शेष सभी सरकारी वाहनों पर भी जी.पी.एस.लगवा दिये जाएं।

अन्त में निरीक्षण के दौरान भूतल पर एक बाहरी व्यक्ति को पालीथिन के अन्दर साम्रगी ले जाते हुए रंगे हाथ पकड़ा तथा कड़ी चेतावनी दी कि यदि इस परिसर में पुनः पालीथिन का प्रयोग करते हुए पाये गये तो उनके विरूद्ध जुर्माना वसूलने की कार्यवाही की जायेगी।

This article was last modified on February 23, 2019 4:11 AM

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