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निट में ‘न्यू फ्रंटीर्यस इन इंजीनियरिंग साइंस एण्ड टेक्रोलॉजी’ विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुभारंभ

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (निट) कुरूक्षेत्र में  संस्थान के मैकेनिकल विभाग द्वारा ‘न्यू फ्रंटीर्यस इन इंजीनियरिंग साइंस एण्ड टेक्रोलॉजी’ विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन संस्थान के जुबली हॉल में किया गया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि के रूप में रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद के विशिष्ट वैज्ञानिक व प्रोग्राम निदेशक डा. वी.वी. रॉव उपस्थित थे। पांच दिवसीय इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यअतिथि डा.वी.वी. राव द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। मिसाइलों के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाले डा. वी.वी. रॉव ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारत सरकार द्वारा स्वदेशी तौर पर उन्नत किस्म के हथियार विकसित करने के लिए उनमें प्रयोग होने वाली उन्नत प्रौद्योगिकियों के बारें में विस्तार से बताया। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रयोगशाला में चल रहे सभी महत्वपूर्ण शोध-कार्यो विशेषकर अग्नि मिसाइल इत्यादि का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया।

यह सम्मेलन दिल्ली तकनीकी विश्चविद्यालय दिल्ली, एनआईटी श्रीनगर, एलएलआईटी लोंगोवॉल एण्ड सोसायटी फॉर फ्यूजन ऑफ साइंस एण्ड टेक्रोलॉजी के साथ संयुक्त सहयोग में आयोजित किया जा रहा है। पद्मश्री डा. सतीश कुमार, निदेशक एनआईटी कुरूक्षेत्र, प्रो. योगेश सिंह, कुलपति डीटीयू, प्रो. राकेश सहगल, निदेशक एनआईटी श्रीनगर और प्रो. एस. के जैन, निदेशक एसएलआईईटी लोंगोवॉल के संरक्षक है।

प्रो. योगेश सिंह, कुलपति डीटीयू दिल्ली ने अपने भाषण में सृजन और नवाचार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रो. राकेश सहगल, निदेशक एनआईटी श्रीनगर ने भी समाज की बढ़ती जरूरतों और राष्ट्र की बेहतर सेवा के लिए इंजीनियरिंग विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया। प्रो. एस.के. जैन निदेशक एसएलआईईटी लोंगोवॉल ने देश के विकास और इसकी स्थिरता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया।

पद्मश्री डा. सतीश कुमार, निदेशक एनआईटी कुरूक्षेत्र ने सम्मेलन की अध्यक्षता की और अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में उभरते क्षेत्रों के बारे में बात की और अनुसंधान और विकास गतिविधियों को बढ़ावा देकर प्रौद्योगिकी के विकास पर ध्यान केंद्रित किया। सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत आंगरा ने मुख्यअतिथि व अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के बारे में विस्तार से बताया। सम्मेलन के सचिव डा. गुलशन सचदेवा ने इस आयोजन का समन्वय किया और मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश खण्डूजा ने उपस्थित सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

संस्थान के प्रोफसेर इंचार्ज लोक सम्पर्क डा. पी.सी. तिवारी ने बताया कि इस सम्मेलन के पहले दिन छह तकनीकी सत्रों में 60 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन लगभग 100 के करीब शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे व सम्मेलन का समापन समारोह 21 फरवरी 2019 को दोपहर 1 बजे आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. ज्ञान भूषण, प्रो. विनोद कुमार, डा. जॉय प्रकाश मिश्रा, डा. ललित कुमार, वी.एस.एन. रेड्डी, डीन संकाय सदस्य, और काफी संख्या में शोध छात्र उपस्थित थे।

This article was last modified on February 21, 2019 2:39 AM

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