एफ़वाईयूपी में रोल मॉडल बन कर आगे आया डीयू: प्रो. अविनाश पांडेय, चौथे वर्ष में रिसर्च पर फोकस बढ़ाने के लिए 6 बढ़ाकर किए जाएंगे 10 क्रेडिट: प्रो. योगेश
नई दिल्ली, 23 अप्रैल। जिसे दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एनईपी 2020 के तहत “अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026” (UGREE 2026) के तहत एक दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्प्ज हाल में किया गया। गुरुवार को प्रदर्शनी के समापन अवसर पर इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेटर सेंटर के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। यूजीईई – 2026 प्रदर्शनी में कुल 480 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिनमें से 387 के रिसर्च पोस्टर प्रदर्शित किए गए। मौखिक भाषा में 48 और उद्यमिता 45 विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यातिथि प्रो. अविनाश चंद्र पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत जब 4-वर्षीय स्नातक डिग्री (एफ़वाईयूपी) पर काम किया जा रहा था तो इसे लागू करने में दिल्ली विश्वविद्यालय आगे आया और रोल मॉडल बना। आज उसका परिणाम इस प्रदर्शनी के रूप में सामने है। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया के सामने क्लाइमेट चेंज और नेट ज़ीरो जैसी चुनौतियाँ हैं, इनसे कैसे निपटा जाए, इस पर काम करने के लिए विद्यार्थी आगे आएं। प्रो. अविनाश ने कहा कि जब हम सिलिकॉन वैली चला सकते हैं तो अपना क्वांटम प्रोग्राम क्यों नहीं! इसमें युवा भाग लें हम सहायता के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इस प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में डीयू ने पहली बार यूजी के चौथे वर्ष को शुरू किया था और करीब 60% विद्यार्थियों ने इसमें अपग्रेड किया, इसकी सफलता का परिणाम प्रदर्शनी के रूप में हमारे सामने हैं। यह रिसर्च और इनोवेशन का उत्सव है। इस अवसर पर कुलपति ने घोषणा की कि अगले वर्ष से एफ़वाईयूपी में आने वाले विद्यार्थियों के लिए डेजर्टेशन, उद्यमिता अकादमिक प्रोजेट आदि के लिए क्रेडिट 6 बढ़ाकर 10 किए जाएंगे तथा इलेक्टिव का एक पेपर कम किया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे।
कार्यक्रम के आरंभ में डीयू रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने एनईपी 2020 के डीयू में लागू करने और यूजीसीएफ़ 2022 के निर्माण की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अनेकों डीन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। —


Anoop Lather
Consultant
Media Relations/ PRO
University of Delhi

