गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच में पता चला कि उनके पिता ने उनका मोबाइल छीनकर बेच दिया था, जिससे वे गहरे अवसाद में थीं। इसके चलते वे कोरियन कल्चर और अपने ऑनलाइन संपर्कों से दूर हो गईं। मां के फोन पर ऐप्स चलाने में भी समस्या आई। सुसाइड नोट और अन्य सबूत फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। परिवार की स्थिति जटिल थी, जहां पिता की तीनों पत्नियां आपस में सगी बहनें थीं। उनकी डायरी में कोरियन संस्कृति के प्रति लगाव और पारिवारिक तनाव का उल्लेख मिला है। मामले की जांच साइबर टीम द्वारा की जा रही है।
मां के फोन से कोरियन ऐप एक्सेस करने में विफल
घटना की रात लड़कियों ने अपनी मां का फोन इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन वह डिवाइस कोरियन ऐप को एक्सेस करने में सक्षम नहीं था। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन को जब्त कर लिया, लेकिन जांच में भी उस पर कोरियन ऐप का कोई संकेत नहीं मिला। हाथ से लिखे सुसाइड नोट, मैसेज और फिंगरप्रिंट को फोरेंसिक साइंस लैबोरटरी भेजा गया है, हालांकि रिपोर्ट आना अभी बाकी है। यह जानकारी डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने शनिवार को एक समाचार एजेंसी को दी। नौ पन्नों की एक डायरी से सुसाइड नोट मिला है। 2015 में हुई थी पिता की लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2015 में पिता चेतन कुमार की लिव-इन पार्टनर की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। यह घटना साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी के एक फ्लैट की छत से गिरने के कारण हुई थी। जांच के बाद, पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मानकर केस बंद कर दिया था।
नौवीं मंजिल से कूदकर जीवन समाप्त किया
निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने इस हफ्ते ट्रांस-हिंडन थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी के रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके पिता, चेतन कुमार, की तीन पत्नियां हैं: सुजाता (निशिका की मां), हीना (प्राची और पाखी की मां) और टीना. विशेष बात यह है कि ये तीनों बहनें हैं.
सुसाइड नोट में केवल पिता का उल्लेख
तीनों बहनें अपनी मां की तुलना में पिता से अधिक जुड़ी थीं, यही वजह है कि उन्होंने सुसाइड नोट में केवल पिता का जिक्र किया है. इसमें कहीं भी मां का कोई उल्लेख नहीं पाया गया.
बेचे गए मोबाइल का पता लगाने की कोशिश
साइबर क्राइम टीम IMEI नंबर के माध्यम से उन लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है जिन्होंने मोबाइल खरीदे. इसका मकसद कोरियन ऐप का डेटा हासिल करना है. डीसीपी पाटिल ने जानकारी दी कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट का इंतजार है.
डायरी में कोरियाई संस्कृति और पारिवारिक विवाद के संकेत
पुलिस ने बताया कि फिलहाल मामले को आत्महत्या मानते हुए जांच जारी है. जांच का ध्यान पिता की ऑनलाइन गेमिंग लत, पारिवारिक तनाव और अन्य पहलुओं की पुष्टि पर केंद्रित है. प्रारंभिक जांच में उनके कमरे से मिली नौ पेज की पॉकेट डायरी में कोरियाई संस्कृति के प्रति गहरी रुचि और पारिवारिक विवाद के संकेत पाए गए हैं.
हाल ही में दोनों फोन खरीदे गए थे।
पाटिल का कहना है कि चेतन कुमार ने लगभग तीन महीने पहले निशिका के लिए एक मोबाइल खरीदा था, जबकि प्राची के लिए करीब 15 दिन पहले एक फोन लिया गया था। इन तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर संपन्न हुआ।

