फैला दो हवाओं में 

पैगाम मेरा 

कि हम तेरे शहर में 

वफ़ा बाटने आये है।

लेकर ग़म तेरे

नसीब में अपने,

तेरा नाम अपनी 

तकदीर लिखने आये है।

वो जो कहते हैं लोगों से 

कुछ भी न मिलता 

यूँ सोचने से 

उनको कह दो 

हम उनको अपने 

नसीब में लिखने आए हैं।

डॉ.राजीव डोगरा

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक), (हिंदी  अध्यापक)

पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

rajivdogra1@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *