आदेश – डॉ.राजीव डोगरा
शमशान की राख को सीने से लिपटाए फिरता हूँ, महाकाल का भगत हूँ उनका नाम लिए फिरते हूँ, मैं चुपचाप सभी की सुनता हूं किसी को कुछ बोलता नहीं। आदेश…
Today Daily Sport,Bollywood,Politics Hindi News
शमशान की राख को सीने से लिपटाए फिरता हूँ, महाकाल का भगत हूँ उनका नाम लिए फिरते हूँ, मैं चुपचाप सभी की सुनता हूं किसी को कुछ बोलता नहीं। आदेश…
अष्टद्रव्य से पूजा करें, भावों का विस्तार, प्रभु चरणों में अर्पित करें, श्रद्धा अपार। जल-चंदन-अक्षत-पुष्प, नैवेद्य दीप उजियार, धूप-फल से पूर्ण हो, प्रभु का सत्कार॥ जल चढ़ाऊँ चरणों में, समर्पण…
तेरे दर्द को अल्फ़ाज़ दूंगा मत सोच तू अकेला हैं हर कदम पर तेरा साथ दूंगा। दर्द का समुंदर जो तेरे अंदर नित्य रफ़्ता रफ़्ता बहता है उसको भी एक…
मेरे लफ़्ज़ों की आख़िरी बात तू, मेरी ख़ामोशी का हर राज़ तू, तुझसे ही चलती है ये धड़कन, मेरे होने का एहसास तू तेरे बिना सब फीका सा लगे, जैसे…
हमें यूं तुमको देखने की आदत है। न है मोहब्बत फिर भी बहुत कुछ कहने की आदत है। कभी सोचा ही नहीं तुमको पाने का बस यूं ही तुमसे दिल…
हां! मैं कविता हूं भावनाओं के गर्भ से जन्मी शब्दों की सौगात हूं जिसमें अवगुंठित है हृदय की पीड़ा भी मधुर भावों की भीनी सुगंध भी मैं कल्पना का असीमित…
मैं गूंजता रहूंगा तेरे शहर में तेरी यादों के संग। मैं अकेला ही सही पर फ़िरता रहूंगा हर जगह तेरी खामोशी को ले अपने संग। लोग पूछेगे मुझें जब क्या…
मुझ तुम संग रहने की आदत है। मुझ तुमसे बाते करने की आदत है। मुझ तुम संग सब कहने की आदत है। मुझ तुम संग जीने की आदत है मुझ…
बड़े-बड़े सिकंदरयहाँ आयेमानते थे खुद कोबड़े बलशाली धुरंधर। फिर भी बचा न सकेअपने अस्तित्व कोसमेट लियामिट्टी ने अपने अंदर। खुद को खुदा जाना थेमगर औरों कोसदा गधा पहचानते थे। खुदा…
जैसे कि जानते हैं कि डॉ.राजीव डोगरा कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के युवा कवि लेखक हैं जिनकी कविताएं हमें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओं में पढ़ने को मिलती है।…