नई दिल्ली, 26 जून 2026। यमुना युवक केंद्र ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपकर यमुना घाटों पर हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई से विस्थापित हुए लगभग 310 परिवारों के तत्काल पुनर्वास तथा ऐतिहासिक यमुना युवक केंद्र अखाड़ा एवं व्यायामशाला के पुनर्निर्माण की मांग की है।
यमुना युवक केंद्र के महासचिव एवं राष्ट्र टाइम्स के संपादक विजय शंकर चतुर्वेदी ने ज्ञापन में कहा कि यमुना घाटों पर दशकों से निवास कर रहे सैकड़ों परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक आवास एवं पुनर्वास व्यवस्था के हटाए जाने से उनके सामने आवास, रोजगार, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों में बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की है, जिनके लिए वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयास आवश्यक हैं, किंतु इन्हें इस प्रकार लागू किया जाना चाहिए कि प्रभावित नागरिकों के अधिकारों, सम्मान और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। किसी भी बेदखली की कार्रवाई से पहले या उसके साथ-साथ समुचित पुनर्वास की व्यवस्था होना आवश्यक है।
यमुना युवक केंद्र ने यह भी बताया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान घाट संख्या-2 स्थित 80 वर्ष से अधिक पुराने ऐतिहासिक यमुना युवक केंद्र अखाड़ा एवं व्यायामशाला को भी ध्वस्त कर दिया गया। इस अखाड़े की स्थापना विश्वप्रसिद्ध दंड-बैठक चैंपियन गुरु धर्मपाल यादव ने की थी। यह संस्थान वर्षों से कुश्ती, तैराकी, शारीरिक व्यायाम और युवा प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है तथा यहां से प्रशिक्षित अनेक खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना युवक केंद्र केवल एक खेल संस्थान नहीं, बल्कि यमुना क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसके ध्वस्तीकरण से स्थानीय नागरिकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में गहरी निराशा व्याप्त है।
ज्ञापन में केंद्रीय मंत्री से निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
310 विस्थापित परिवारों का तत्काल पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन।
यमुना बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में वैकल्पिक आवास की व्यवस्था।
प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बच्चों की शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराना।
ऐतिहासिक यमुना युवक केंद्र अखाड़ा एवं व्यायामशाला का पुनर्निर्माण।
विस्थापित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन करने और पारदर्शी पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु एक समिति का गठन।
यमुना युवक केंद्र के खलीफा एवं संचालक अजय यादव ‘मन्नू’ ने कहा कि दशकों से रह रहे परिवारों को बिना उचित पुनर्वास के बेघर कर देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा ऐतिहासिक अखाड़े के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
यमुना युवक केंद्र ने आशा व्यक्त की है कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय प्रभावित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई करेगा।
V.S. CHATURVEDI

