भारत की राजनीति में यह धारणा आम है कि दिल्ली (लोकसभा) की सत्ता का मार्ग उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और दो साल बाद, 2029 में लोकसभा चुनाव हैं. इसलिए राजनीतिक पार्टियां यूपी के चुनावों में अपने वोट बैंक को मजबूत करने के प्रयास में पहले से ही सक्रिय हो गई हैं. विधानसभा चुनाव के पूर्व, योगी सरकार की ओर से महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना लाए जाने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार 50 लाख से अधिक महिलाओं को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने पर विचार कर रही है. हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार और बंगाल विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के बाद BJP का पूरा ध्यान अब उत्तर प्रदेश पर है। बिहार चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये डाले गए थे। बंगाल में भी ममता बनर्जी की लक्ष्मी भंडार योजना की तरह अन्नपूर्णा भंडार योजना चलाई गई थी, जिसमें दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया था। अब उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की योजना शुरू करने की योजना है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी से अप्रैल के मध्य विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। रिपोर्ट बताती है कि योजना के तहत धनराशि चार किस्तों में प्रदान की जाएगी। चुनाव से पहले पात्र महिलाओं के खातों में पहली किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये डाले जाएंगे। अगर चुनाव के बाद बीजेपी की सरकार बनती है, तो शेष तीन किस्तों में 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
योजना की घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए इस पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार इस प्रस्तावित योजना में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं को प्राथमिकता देगी। इसमें उन परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकता है जिनकी पारिवारिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं है।

