ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सख्त निगरानी लागू कर दी है। ईरानी सेना के अनुसार, यह कदम अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में उठाया गया है। मिलिट्री कमांड ने अपने बयान में आरोप लगाया कि वाशिंगटन ने ईरान के बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाजों पर नेवल नाकाबंदी जारी रखकर समझौतों का उल्लंघन किया है। बयान में यह स्पष्ट किया गया कि जब तक अमेरिका ईरान आने-जाने वाले सभी जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में रहेगी।
ट्रंप की हठधर्मिता ने ईरान को लिया सख्त कदम उठाने पर मजबूर
लेबनान में हिज़बुल्लाह और इजरायल के बीच युद्धविराम के बाद, ईरान ने अपनी सद्भावना का परिचय देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की घोषणा की थी. लेकिन शनिवार सुबह होते ही हालात एक बार फिर पलट गए. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सैन्य कमान के हवाले से जानकारी दी कि होर्मुज स्ट्रेट फिर अपनी पुरानी स्थिति में लौट आया है, जिसका मतलब है कि इसे दोबारा बंद कर दिया गया है. ईरान ने स्पष्ट किया कि अब होर्मुज पूरी तरह से सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में रहेगा.
इस तनाव का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अड़ियल रवैया माना जा रहा है. ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही ईरान रास्ता साफ कर दे, लेकिन अमेरिका अपनी नाकेबंदी तब तक खत्म नहीं करेगा जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम और अन्य विवादित मसलों पर वाशिंगटन के साथ ठोस समझौते तक नहीं पहुंचता.”
दुनिया भर में तेल आपूर्ति पर संकट के बादल छाए हुए हैं।
हॉर्मुज स्ट्रेट का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। यह मार्ग दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा, यानी करीब 20 प्रतिशत, संभालता है। पिछले दो महीनों से चल रहे युद्ध और नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है, जिससे कई देशों में ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई है। हाल ही में हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने की खबर ने आम जनता को कुछ हद तक राहत प्रदान की है, क्योंकि इससे तेल और गैस संकट के दबाव में मामूली कमी आने की उम्मीद जगी है।

