रैंकिंग में शामिल 52 भारतीय संस्थानों में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर मजबूत स्थिति में रहा डीयू: प्रो. योगेश सिंह
नई दिल्ली,18 जून। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी स्थिति पहले से और बेहतर की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि इस बार डीयू ने वैश्विक स्तर पर 322वीं ग्लोबल रैंक हासिल की है, जबकि पिछले वर्ष, रैंकिंग 2026 में डीयू 328वें स्थान पर था। कुलपति ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों में डीयू पहले स्थान पर है और देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में डीयू का 7वां स्थान रहा है, इससे देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में डीयू की जगह और मजबूत हुई है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के ताजा संस्करण में दुनिया भर के 8,808 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया है, जिसमें 106 देशों और क्षेत्रों के 1,504 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग में स्थान मिला है। प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि इस रैंकिंग में शामिल किए गए 52 भारतीय संस्थानों में, दिल्ली विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति मज़बूत की है।
डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में सुधार हमारे फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, रिसर्चर्स, स्टाफ, पूर्व छात्रों और यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी लोगों की लगन और सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। ग्लोबल स्तर पर हमारी बढ़ती पहचान और भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में हमारी जगह, हमारे एकेडमिक इकोसिस्टम की मजबूती और टीचिंग, रिसर्च, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक जुड़ाव में बेहतरीन काम करने के हमारे संकल्प को दिखाती है। हम यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता, असर और ग्लोबल पहचान को और बेहतर बनाने पर ध्यान देते रहेंगे। कुलपति ने कहा कि डीयू आगे भी हायर एजुकेशन को आगे बढ़ाने और देश के निर्माण में अपना सार्थक योगदान देता रहेगा।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027: डीयू की स्थिति:
ग्लोबल और राष्ट्रीय स्थिति:
· ग्लोबल रैंक: 322 (2026 में 328 से सुधार; 6 स्थान ऊपर)
· कुल स्कोर: 43.8 (2026 में 42.6 से बढ़ोतरी)
· भारतीय विश्वविद्यालयों में पहला स्थान (भारत के प्रमुख सार्वजनिक विश्वविद्यालय के तौर पर अपनी स्थिति बरकरार रखी है)
· भारत के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में कुल मिलाकर 7वां स्थान (पिछले वर्ष की स्थिति बनाए रखी है)
मुख्य परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स में उल्लेखनीय प्रगति:
· प्रति फैकल्टी साइटेशन में 403 से 318 (85 स्थान ऊपर) तक सुधार, जो विश्वविद्यालय के रिसर्च आउटपुट की बढ़ती गुणवत्ता, विज़िबिलिटी और प्रभाव को दर्शाता है।
· सस्टेनेबिलिटी में 297 से 240 (57 स्थान ऊपर) तक सुधार, जो पर्यावरण सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव के प्रति विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
· एम्प्लॉयर रेप्युटेशन में 319 से 304 (15 स्थान ऊपर) तक सुधार, जो दुनिया भर के एम्प्लॉयर्स के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट्स की मजबूत पहचान को उजागर करता है।
भारतीय संस्थानों में प्रदर्शन:
· रोजगार के नतीजों में दूसरा स्थान
· सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) में चौथा स्थान (2026 में छठे स्थान से ऊपर)
· इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क में चौथा स्थान
· एकेडमिक रेप्युटेशन में छठा स्थान (पिछले साल वाला स्थान बरकरार)–
Anoop Lather
Consultant
Media Relations/ PRO
University of Delhi

