उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्य के सातवें और अब तक के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल मेरठ और प्रयागराज को जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार तक यात्रा करने वालों के लिए समय और ईंधन की बड़ी बचत सुनिश्चित करेगा।

यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्से से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा बनकर राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से निर्मित इस एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6 लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित करने की योजना है।

गंगा एक्सप्रेसवे के शुभारंभ से यात्रा का समय बेहद घट जाएगा, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी, जिसे पहले पूरा करने में 12-13 घंटे लगते थे, अब केवल 6-7 घंटे में तय की जा सकेगी। आइए देखें कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से प्रयागराज, वाराणसी और पटना पहुंचने में कितना समय लगेगा।

दिल्ली से प्रयागराज: दिल्ली और नोएडा से प्रयागराज जाने वाले यात्री बुलंदशहर के पास से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। इस रूट पर यात्रा अब 7-8 घंटे में पूरी हो जाएगी। दिल्ली से वाराणसी और पटना: पहले दिल्ली से वाराणसी का सफर तय करने में 12-14 घंटे लगते थे, लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यह समय घटकर केवल 8-9 घंटे रह जाएगा। वहीं, पटना तक पहुंचने में पहले 16-18 घंटे लगते थे, जो अब घटकर लगभग 12-13 घंटे हो जाएंगे।

यह एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों को जोड़ते हुए गुजरता है, जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिए नए अवसरों का सृजन होगा। इस हाई-टेक एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस किया गया है। इसकी सड़क 6 लेन चौड़ी है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है।

आपातकालीन स्थितियों में वायुसेना के विमानों के लिए यहां 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण भी किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन, ट्रॉमा सेंटर और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

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