जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर सोमवार को 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है, जिससे भारी तबाही होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की है और स्थानीय निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का निर्देश दिया है। इस आपदा के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित हैं, और आपातकालीन टीमें पूरी तरह से सतर्क हैं।

उत्तर जापान के सानरिकु तट के नजदीक सोमवार शाम लगभग पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) भूकंप आया, जिसका केंद्र समुद्र की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सुनामी की संभावना व्यक्त की है। हालांकि, भूकंप के बाद इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर केवल करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं।

भूकंप के बाद, टोक्यो स्टेशन और शिन-आओमोरी स्टेशन के बीच तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। ऑपरेटर के अनुसार, यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया था। इसके अलावा, यामागाता और अकिता शिंकानसेन सेवाओं को भी रोक दिया गया। इवाते प्रांत में सभी लोकल ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गईं, जबकि होक्काइदो में कुछ लोकल लाइनें प्रभावित रहीं। वहीं, शिन-चितोसे और सेंडाई एयरपोर्ट के ऑपरेटरों ने जानकारी दी कि भूकंप के बावजूद उनकी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं।

रिक्टर स्केल पर 8.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को “मेगाभूकंप” माना जाता है। ऐसे शक्तिशाली भूकंप सामान्यतः तब उत्पन्न होते हैं जब एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरी के नीचे खिसकती है, जिसे सबडक्शन जोन कहा जाता है। हालांकि, आज दर्ज किया गया 7.4 तीव्रता वाला भूकंप इस श्रेणी में शामिल नहीं होता।

वहीं, जापान की भूकंप संबंधी चेतावनी गाइडलाइंस के अनुसार, 7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद एक सप्ताह के भीतर किसी अधिक तीव्रता वाले भूकंप के आने की संभावना बेहद दुर्लभ होती है और यह कई सौ मामलों में एक बार देखा गया है। समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया था कि जापान की केंद्र सरकार ने 2022 में भविष्यवाणी की थी कि अगले तीन दशकों में इस स्तर का भूकंप आने की संभावना लगभग 70 प्रतिशत है।

जापान उन देशों में से एक है जहाँ सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं। वैश्विक स्तर पर करीब 10 प्रतिशत भूकंप जापान में ही दर्ज किए जाते हैं। इसका मुख्य कारण देश की भू-आकृतियों से जुड़ा है। जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स—पैसिफिक, फिलीपीन सागर, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट—के बीच स्थित है, जहां ये प्लेटें निरंतर टकराती और खिसकती रहती हैं, जिससे बार-बार भूकंप की स्थिति उत्पन्न होती है।

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