नई दिल्ली, 17 जुलाई।
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) चुनाव 2026 को लेकर विश्वविद्यालय प्रॉक्टर और उनकी टीम द्वारा की डूसू पदाधिकारियों और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की गई। प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार, 16 जुलाई को को प्रॉक्टर ऑफिस में आयोजित इस बैठक में दिल्ली हाई कोर्ट और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस के अनुसार, डूसू चुनाव 2026 के संचालन और उससे जुड़े नियमों के बारे में सभी प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान यह साफ तौर पर तय किया गया कि कैंपस और उसके आस-पास सार्वजनिक संपत्ति को खराब नहीं किया जाएगा और खंभों पर कोई भी होर्डिंग (प्रिंटेड और डिजिटल) या बैनर नहीं लगाए या लटकाए जाएंगे। प्रिंटेड सामग्री पर पूरी तरह से रोक है। सिर्फ़ हाथ से बनी सामग्री ही तय ‘वॉल ऑफ़ डेमोक्रेसी’ पर लगाने की इजाज़त है। दीवारों पर ब्लॉक-प्रिंटिंग या स्प्रे-पेंटिंग नहीं की जा सकती।
प्रॉक्टर ने बताया कि बैठक के दौरान यह भी साफ कर दिया गया कि एमसीडी के विज्ञापन बोर्ड पर कोई भी फ्लेक्स पोस्टर नहीं लगाया जा सकता। अगर अधिकारियों को ऐसा कोई डिस्प्ले मिलता है, तो प्रॉक्टर जरूरी कार्रवाई के लिए एमसीडी कमिश्नर को सूचित करेंगे। इसके अलावा, किसी भी गाड़ी (जैसे कार, जीप, बस, ऑटो, ई-रिक्शा आदि) पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर नहीं लगाए जाएंगे। इस संदर्भ में यह साफ़ किया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान हर उम्मीदवार के लिए सिर्फ़ पाँच कारों की इजाज़त है और ट्रैक्टर, जेसीबी या जानवरों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। टिंटेड शीशे वाली या छिपी हुई/बिना नंबर प्लेट वाली कारों पर सख़्त रोक है। अगर डीयू कैंपस में कोई अनधिकृत गाड़ी पार्क की जाती है, तो ट्रैफिक पुलिस के नियमों के अनुसार उसका चालान काटा जाएगा या उसे टो (tow) कर दिया जाएगा। उम्मीदवार के नाम वाले कोई भी तोहफ़े या यादगार चीज़ें नहीं बांटी जाएंगी। कैंपस में उम्मीदवार के नाम वाले कैनोपी, छाते आदि लगाने की इजाज़त नहीं है। अगर ऐसी कोई सामग्री मिलती है, तो उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द कर दिया जाएगा।
प्रॉक्टर ने साफ तौर पर कहा कि सार्वजनिक बैठकें करने के लिए पहले से सूचना देना ज़रूरी है ताकि प्रॉक्टर ऑफिस को जानकारी रहे और कैंपस में किसी भी तरह की अव्यवस्था या जाम से बचा जा सके, साथ ही अलग-अलग छात्र संगठनों की तारीखें आपस में न टकराएं। साथ ही, प्रचार के लिए कॉलेजों के अंदर सिर्फ़ पाँच विद्यार्थियों को जाने की इजाज़त होगी; लड़कियों के कॉलेज हॉस्टल में सिर्फ़ लड़कियों को ही जाने की अनुमति होगी। प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि इस बातों को लेकर सभी के बीच आपसी सहमति बनी और सभी ने इसके लिए पूरा सहयोग और समर्थन देने का भरोसा दिलाया। यही नियम कॉलेज प्रशासन को भी बताए जाएंगे। प्रॉक्टर ने बताया कि आचार संहिता पहले से ही लागू है।–
Anoop Lather
Media Relations/ PRO
University of Delhi

