रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। इस दौरान दोनों देशों ने प्रवासन, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, शिप बिल्डिंग, केमिकल्स और उर्वरकों सहित सात प्रमुख क्षेत्रों में समझौतों पर सहमति जताई। ये समझौते दोनों देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता समाप्त हो गई है। इस वार्ता के बाद दोनों देशों ने आपसी समझौतों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच चर्चा के दौरान जिन मुद्दों पर सहमति बनी, उनमें प्रवासन, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, शिप बिल्डिंग, रसायन और उर्वरक जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत ने रूस के नागरिकों के लिए मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा योजना शुरू की है। यह ई-वीजा 30 दिनों की अवधि के लिए मान्य रहेगा।
भारत और रूस के बीच जिन समझौतों का आदान-प्रदान हुआ, उनमें प्रमुख विषय शामिल हैं:
- सहयोग और प्रवासन से संबंधित समझौता (Agreement on Cooperation and Migration)
- अस्थायी श्रम गतिविधियों पर समझौता (Temporary Labour Activities)
- स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा पर समझौता (Agreement on Healthcare and Medical Education)
- खाद्य सुरक्षा और मानकों पर समझौता (Agreement on Food Safety and Standards)
- ध्रुवीय पोतों पर समझौता (Agreement on Polar Vessels)
- समुद्री सहयोग पर समझौता (Agreement on Maritime Cooperation)
- उर्वरक संबंधी समझौता (Agreement on Fertilizers)
भारत और रूस मिलकर करेंगे यूरिया उत्पादन
उर्वरकों से संबंधित समझौते के तहत यह तय हुआ है कि दोनों देश संयुक्त रूप से यूरिया का उत्पादन करेंगे। वर्तमान में भारत बड़े पैमाने पर रूस से यूरिया आयात करता है, लेकिन इस साझेदारी से भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस के साथ मिलकर उत्पादन प्रक्रिया में भी भाग लेगा।
भारतीय कामगारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है,
प्रवासन को लेकर भारत और रूस के बीच एक अहम समझौता संपन्न हुआ है। यह समझौता उन कामगारों के लिए राहत लेकर आया है जो विदेश में काम करने की इच्छा रखते हैं। इसके तहत भारतीय कामगार अब व्यवस्थित प्रक्रिया के जरिए रूस जा सकेंगे और वहां बेहतर वेतन पर नौकरी प्राप्त कर सकेंगे। कनाडा और ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों में प्रवासन नियमों के सख्त होते माहौल के बीच यह समझौता भारतीय कामगारों के लिए एक स्वागतयोग्य कदम है।

