मृत्यु तुम करो न भक्षण मेरा
मैंने भी देखना है
काल बड़ा है या काली।
भाग्यविधाता लिखो ना भाग्य
मैंने भी देखना है
कर्म बड़ा है या कर्मदाता।
समय बदलो न अपना पहिया
मैंने भी देखना है
भविष्यवक्ता बड़ा है या भविष्यकर्ता।
प्रेतराज चलो न करोड़ों प्रेतो के साथ
मैंने भी देखना है
तंत्र बड़ा है या प्रेम मंत्र।
देवराज इंद्र करो तप जरा भंग
मैंने भी देखना है
योगाग्नि बड़ी है या कामाग्नि।

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

