भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स और निफ्टी 50 लगातार चौथे दिन भी नुकसान में रहे। केवल चार दिनों में ही शेयर बाजार में 1600 से अधिक अंकों की गिरावट आ चुकी है। इसके साथ ही निफ्टी में भी करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें लगभग 400 अंक की कमी देखी गई।
2 जनवरी को सेंसेक्स 85,762.01 पर बंद हुआ था, जबकि आज, 8 जनवरी को सेंसेक्स 84,180 पर बंद हुआ, जिससे लगभग 1,600 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसी प्रकार, निफ्टी ने भी बीते 4 कारोबारी दिनों के दौरान 400 अंकों की गिरावट दिखाई और 25,876 पर बंद हुआ। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 780 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,181 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 264 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,877 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार बंद होने के समय बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, जिसकी वजह से बीएसई के बाजार पूंजीकरण में लगभग 8.1 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
BSE के मार्केट कैप के अनुसार, निवेशकों की कुल संपत्ति में पिछले सत्र के 479.94 लाख करोड़ रुपये से 8.11 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट हुई, जिससे यह घटकर 471.82 लाख करोड़ रुपये रह गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, टाटा स्टील और टेक महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से बाजार में दबाव बना रहा।
500 प्रतिशत टैरिफ की संभावना
रूस पर दबाव बढ़ाने के मकसद से अमेरिका में ‘Sanctioning Russia Act of 2025’ नामक एक नया बिल पेश किया गया है। इसके तहत, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव किया गया है। इस कदम को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी रणनीतिक चाल माना जा रहा है। बिल का लक्ष्य रूस पर आर्थिक दबाव को और अधिक बढ़ाना है। प्रस्तावित टैरिफ से भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर भी असर पड़ेगा। इस खबर ने शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया है, जिससे भारी गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स में शामिल शीर्ष 30 शेयरों में से केवल चार हरे निशान पर बंद हुए, जबकि बाकी सभी लाल निशान पर रहे। सबसे बड़ी गिरावट L&T के शेयरों में 3.35%, Tech Mahindra में 2.94% और TCS के शेयरों में 2.74% देखी गई। हालांकि, Zomato और ICICI बैंक के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
189 शेयरों ने छुआ साल का निचला स्तर कुल 189 शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गए। BSE500 सूची में शामिल Afcons Infrastructure, AWL Agri Business, BASF India, Bata India, Blue Jet Healthcare, Clean Science and Technology, Cohance Lifesciences और Colgate Palmolive (India) जैसे कंपनियों के शेयरों में काफी गिरावट हुई। ये सभी अपने एक साल के लो पर बंद हुए। वहीं, 113 कंपनियों के शेयरों ने 52 सप्ताह का नया उच्चतम स्तर हासिल किया।
कुल 4,366 शेयरों में से 3,157 शेयरों में गिरावट देखने को मिली, वहीं 1,039 शेयरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 170 शेयरों के मूल्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में शुद्ध आधार पर 1,668.80 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,991.95 करोड़ रुपये की खरीदारी की।


