सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: बीते 24 घंटे में सोने और चांदी के भाव में जबरदस्त कमी दर्ज की गई है. चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे भाव से 85,000 रुपये नीचे आ चुकी है, जबकि सोने के दाम में भी 25,000 रुपये से अधिक की गिरावट आई है. आइए जानते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट का कारण क्या है.
शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 24 घंटे के भीतर चांदी का मूल्य 85,000 रुपये तक कम हो गया, जबकि सोने की कीमत में भी भारी कमी देखने को मिली। यह गिरावट उस समय आई है, जब चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये और सोने का मूल्य 2 लाख रुपये के आसपास पहुंच चुका था।
शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे MCX पर मार्च वायदा के तहत 1 किलो चांदी की कीमत लगभग 65,000 रुपये घटकर 3,35,001 रुपये पर आ गई थी। वहीं, गुरुवार शाम को चांदी की कीमत बढ़कर 4,20,048 रुपये के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इस तरह, 24 घंटों के भीतर चांदी के भाव में करीब 85,000 रुपये की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार, सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट हुई है। 29 जनवरी, गुरुवार को सोना अपने रिकॉर्ड स्तर 1,93,096 रुपये पर था, लेकिन शुक्रवार को यह 16,000 रुपये कम होकर 1,67,406 रुपये पर पहुंच गया। यानी केवल 24 घंटों के अंदर सोने के दाम में 25,500 रुपये की गिरावट देखी गई है।
गुरुवार को चांदी ने वायदा बाजार में इतिहास रच दिया, जब इसका भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार करते हुए और भी ऊंचाई पर पहुंच गया. उस दिन चांदी का दाम 34,000 रुपये की भारी बढ़त के साथ अपने अब तक के उच्चतम स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया था. इसी तरह, 29 जनवरी को सोने का भाव भी जबरदस्त उछाल के साथ 16,000 रुपये बढ़ते हुए अपने रिकॉर्ड स्तर 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया था. हालांकि, अभी इन दोनों बेशकीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है.
अचानक आई इस बड़ी गिरावट की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुनाफावसूली का परिणाम है। पिछले कई दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही थी, और ये हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही थीं। चांदी ने कुछ ही हफ्तों में 3 लाख रुपये से बढ़कर 4 लाख रुपये का स्तर पार कर लिया था। वहीं, सोने की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। ऐसे में निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए मुनाफावसूली कर रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ यह मानते हैं कि सोने और चांदी में बिकवाली शुरू होते ही शॉर्ट सेलर्स बाजार में सक्रिय हो गए। उन्होंने ट्रेडिंग के दौरान चांदी को शॉर्ट किया, जिससे इसकी कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी और अन्य धातुओं की कीमतें गिरीं, जिसका असर भारत के MCX बाजार में भी देखने को मिला।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान कि वे फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल को हटाकर अपनी पसंद के व्यक्ति को नियुक्त करना चाहते हैं, से डॉलर मजबूत हुआ और वैश्विक तनाव भी कुछ हद तक कम हुआ। इन कारणों से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

