अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर सहमति होने के बाद शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल देखा गया। 2 फरवरी को जब इस डील की घोषणा हुई, तो अगले ही दिन, यानी 3 फरवरी को, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, इसके बाद डील को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगीं, क्योंकि डील से जुड़ी सटीक जानकारी, जैसे किन-किन सेक्टर्स पर सहमति बनी है और किन्हें इससे बाहर रखा गया है, सामने नहीं आई थी। खासकर कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर काफी सवाल उठाए जा रहे थे।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डील के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह से इस डील से अलग रखा गया है, जिससे यह साफ होता है कि अमेरिकी दबाव की बात बिल्कुल बेबुनियाद है. गोयल ने यह भी कहा कि इस डील से भारत को दीर्घकालिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा. उन्होंने डील से जुड़े हर सेक्टर के फायदे विस्तार से गिनाए.
सोमवार को वही हुआ, जो अपेक्षित था।
बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, खासकर उन कंपनियों के शेयरों में, जो अमेरिका में कारोबार करती हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 485 अंक की बढ़त के साथ 84,065 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने करीब 173 अंक चढ़कर 25,867 के ऊपर अपना स्थान लिया। तेजी का मुख्य कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ा है। इस समझौते ने निवेशकों के विश्वास को बढ़ाया है, खासकर इक्विटी बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा खरीदारी में इजाफा हुआ है।
फरवरी के पहले सप्ताह में FIIs शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने लगभग 8,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि पिछले तीन महीनों तक लगातार बिकवाली जारी रही थी। बाजार में बढ़त का दूसरा प्रमुख कारण देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI द्वारा पेश किए गए उत्कृष्ट परिणाम हैं। इन नतीजों की वजह से सोमवार को SBI के शेयरों में लगभग 7.5% की वृद्धि हुई। इस तेजी ने SBI को ICICI बैंक से आगे निकलने में मदद की और अब यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। सोमवार को मेटल, बैंकिंग, रियल एस्टेट, छोटे और मिड-कैप शेयर जैसे सभी प्रमुख सेक्टरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
रिटेल निवेशकों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि उनके पोर्टफोलियो में सकारात्मक रुझान देखने को मिला. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार में उत्साह बढ़ा. निवेशकों ने टेक्सटाइल, ऑटो और कृषि से संबंधित शेयरों में जमकर निवेश किया. इसके अलावा, शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी का माहौल नजर आया.
जीडीपी पर उत्साहजनक संकेत बाजार को GDP के क्षेत्र से एक और सकारात्मक संकेत मिला है। गोल्डमैन सैक्श ने भारत की 2026 की रियल GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाते हुए इसे 6.9% सालाना कर दिया है, जो पहले से 20 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करना बताया गया है।

