देश भर में मानसून की बारिश जारी है, जिसमें दक्षिण गुजरात खासकर प्रभावित है। यहां भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ आ गई है।
वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। शुक्रवार को राज्य के 11 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाया गया। अहमदाबाद और सूरत के इलाके पानी से भर गए हैं, वहीं वाव-थराद जिले के बाजार डूब चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में भी, पिछले 10 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बिहार के 19 जिलों, जिनमें पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण, वैशाली और सिवान शामिल हैं, के लिए आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
नदियां और जलाशय उफान पर, 1200 लोगों का रेस्क्यू
वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में, गुरुवार सुबह तक 16 घंटे की भारी बारिश हुई, जिसमें 1,100 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। दक्षिण गुजरात के जिलों में इस बारिश ने संकट खड़ा कर दिया, जिससे लगभग 1,200 लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा और सैकड़ों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सूरत जिले में लगातार बारिश के कारण नदियां और जलाशय उफान पर आ गए हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। अहमदाबाद में सिर्फ दो घंटे में 66 मिलीमीटर वर्षा हुई, जिससे कई सड़कों पर जलभराव का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ। भारी बारिश के मद्देनज़र मुंबई जाने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं या उनके मार्ग को छोटा कर दिया गया।
वायुसेना और नेवी अलर्ट मोड में
जानकारी के मुताबिक, तापी जिले में बारिश के चलते हुई घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। राहत कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना और कोस्ट गार्ड अलर्ट पर हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, वलसाड जिला हाल की बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। उंबरगांव तालुका में बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे तक 1,100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में जिले के अन्य तालुकाओं में भी 600 मिमी से अधिक वर्षा हुई। एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1,200 लोगों को बचाया गया है और सूरत में 1,500 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। नवसारी जिले में कावेरी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण 11 गांवों के 200 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
300 से अधिक सड़कें बंद
बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में जिला कलेक्टर, राजस्व विभाग के कर्मचारी, और वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। राहत आयुक्त ने जानकारी दी कि भारी बारिश के चलते 300 से अधिक सड़कें अस्थायी रूप से बंद की गई हैं, सरकारी बसों की 200 से ज्यादा यात्राएं प्रभावित हुईं, और कई इलाकों में बिजली कटने की घटनाएं सामने आई हैं। सूरत में NDRF की दो और SDRF की पांच टीमें मौजूद हैं, जबकि वलसाड में NDRF की दो और SDRF की चार टीमें तैनात हैं। नवसारी के लिए सूरत से NDRF की 21 और SDRF की दो टीमें भेजी गई हैं। अमरेली, जूनागढ़ और भावनगर में भी SDRF और NDRF की टीमें तैयार स्थिति में हैं।
उपमुख्यमंत्री ने नुकसान का जायजा लिया
वलसाड के साथ-साथ नवसारी, सूरत और तापी में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई। सड़कों पर पानी भर गया और कई घरों में पानी घुस गया। नवसारी जिले में बाढ़ राहत कार्यों के तहत बचाव अभियान जारी है। एनडीआरएफ की टीम ने खाखवाड़ा क्षेत्र से 38 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। बारिश और बाढ़ के कारण स्थिति बिगड़ते देख, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी कल रात नवसारी और वलसाड जिलों के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने जमीन पर उतरकर भारी बारिश से हुए नुकसान का निरीक्षण किया और पीड़ितों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

