हरीश व्यास के निर्देशन में बनी ‘ओम का हरि’ का ट्रेलर अब रिलीज़ हो गया है। ट्रेलर में एक ऐसे पिता और बेटे की कहानी की झलक मिलती है, जिनके बीच के मतभेद फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा हैं। फिल्म में अंशुमन झा और रघुबीर यादव मुख्य भूमिकाओं में हैं। परिवार पर आधारित इस ड्रामा-कॉमेडी में सोनी राज़दान और आयशा कपूर भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगी। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
‘ओम का हरि’ के केंद्र में एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें पीढ़ियों से किसी न किसी बात को लेकर मतभेद होते रहे हैं-पिता और बेटे का रिश्ता। कहानी हरि प्रसाद (रघुबीर यादव) की है, जो एक मेडिकल समस्या के बाद यह मानने लगता है कि उसके पास जीने के लिए अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं। अपनी ज़िंदगी के आखिरी दिन वह वाराणसी में बिताना चाहता है और इसी सोच के साथ अपने बेटे ओम (अंशुमन झा) के साथ वाराणसी के लिए निकल पड़ता है।
ट्रेलर में दोनों के बीच की नोकझोंक और मतभेद नज़र आते हैं। सफर के दौरान दोनों को एक-दूसरे के साथ समय बिताना पड़ता है। इसी दौरान परिवार के दूसरे सदस्यों और उनके आसपास की अफरा-तफरी की भी झलक देखने को मिलती है। दोनों की सोच में अंतर, पीढ़ियों के बीच का फर्क और ज़िंदगी को देखने का उनका अलग-अलग नज़रिया फिल्म में कई भावुक और मज़ेदार परिस्थितियां पैदा करता है।
हरि प्रसाद का किरदार निभाने को लेकर रघुबीर यादव कहते हैं, “एक पिता और बेटा लगभग हर बात पर अलग राय रख सकते हैं, फिर भी उनके बीच गहरा जुड़ाव होता है। हरि प्रसाद ऐसा इंसान है, जिसने अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जी है और उसे लगता है कि वह अपने परिवार के लिए सबसे बेहतर फैसला ले सकता है। जब उसे अचानक लगता है कि उसके पास ज़्यादा समय नहीं बचा है, तो उसकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं, लेकिन उसका स्वभाव नहीं बदलता। फिल्म में हास्य और भावनाओं की एक बड़ी वजह यही है। यह रिश्ता बहुत जाना-पहचाना लगता है, क्योंकि ऐसे मतभेद बहुत से परिवारों में देखने को मिलते हैं।”
ओम का किरदार निभा रहे अंशुमन झा कहते हैं, “ओम ऐसा इंसान नहीं है जो अपने पिता की हर बात या उनके हर फैसले को आसानी से स्वीकार कर ले। यही बात उनके रिश्ते को दिलचस्प बनाती है। वह अपने पिता से प्यार करता है, लेकिन दोनों कई सालों से ज़िंदगी को बिल्कुल अलग नजरिए से देखते आए हैं। वाराणसी का यह सफर उन्हें इस तरह साथ समय बिताने का मौका देता है, जैसा शायद इससे पहले कभी नहीं मिला। मेरे लिए यह फिल्म इस बात के बारे में है कि जब दो ऐसे लोग, जो एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते हैं, ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां वे उन बातों से बच नहीं सकते जो उन्होंने अब तक एक-दूसरे से नहीं कही हैं, तब क्या होता है।”
फिल्म में अहम भूमिका निभा रहीं सोनी राज़दान कहती हैं, “‘ओम का हरि’ एक ऐसे परिवार की कहानी है, जो अपनी सारी परेशानियों, मतभेदों और उलझनों के बावजूद किसी तरह एक-दूसरे के साथ बना रहता है। क्योंकि कई बार परिवार का परफेक्ट होना ज़रूरी नहीं होता, उसका साथ होना ही काफी होता है।”
वाराणसी का यह सफर फिल्म में परिवार, रिश्तों, पीढ़ियों के बीच के अंतर और उन रिश्तों की पड़ताल करने का ज़रिए बनता है, जो एक-दूसरे को समझने में मुश्किल होने के बावजूद बने रहते हैं। पिता और बेटे के रिश्ते की भावनात्मक जटिलताओं पर आधारित ‘ओम का हरि’ ड्रामा और कॉमेडी के जरिए अपनी कहानी बताती है।
फिल्म के संगीत में दिवंगत दिग्गज गायिका आशा भोसले, अमित कुमार, परेश रावल और अन्य कलाकारों की आवाज़ें सुनाई देंगी।

‘ओम का हरि’ अंशुमन झा और निर्देशक हरीश व्यास की तीसरी साथ में की गई फिल्म है। यह फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
Ahmed Khan

