गुजरात और असम सहित देश के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड से लेकर नॉर्थ ईस्ट, छत्तीसगढ़, ओडिशा, और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है। असम में भी बाढ़ का प्रकोप जारी है, जिससे 5 जिलों के 763 गांव प्रभावित हैं और राज्य में अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि गुजरात में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशें जारी हैं। अहमदाबाद में बारिश ने पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे वहां बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है।
14 राज्यों में बारिश का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड्स ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। डोडा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं, जिससे चिनाब नदी के किनारे स्थित डोडा के कई घर प्रभावित हुए हैं। यहाँ के निवासी बेहद चिंतित हैं और सरकार से पुनर्वास की गुहार लगा रहे हैं। इस संकट के दौरान, जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की घटनाएँ भी जारी हैं। विशेष रूप से बनिहाल के रामसू ब्लॉक के गंगरू क्षेत्र में एक गंभीर भूस्खलन ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया है। प्रशासन राजमार्ग NH 44 पर यातायात बहाल करने और मलबा हटाने का प्रयास कर रहा है। छह दिनों की भारी बारिश के बाद अब मौसम साफ हुआ है, लेकिन नदी-नाले और बांध अभी भी पूरी तरह भरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण गंगा और यमुना सहित 10 नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इनमें से घाघरा और शारदा भी शामिल हैं, जो पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। यह स्थिति आसपास के गांवों में चिंता का कारण बन गई है। बलिया में घाघरा नदी के किनारे कटाव के चलते एक मकान अचानक नदी में समा गया। तेज धारा ने मकान की नींव की मिट्टी को बहा दिया, जिससे मकान ढह गया। सरयू नदी के उफान की वजह से बाराबंकी, सीतापुर, पीलीभीत और बहराइच में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाराबंकी में शारदा और गिरिजा बैराज से 2 लाख 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सरयू का जलस्तर और बढ़ गया है।
गुजरात के कई क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
अहमदाबाद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जलजमाव की समस्याएं बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अहमदाबाद के भावला और संथाल क्रॉस रोड पर गंभीर जलजमाव देखा जा रहा है। अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर दो से ढाई फीट तक पानी खड़ा होने के कारण वाहन धीरे-धीरे चल रहे हैं। जलजमाव के कारण हालात इतने बिगड़ गए हैं कि गैलॉप्स इंडस्ट्रियल पार्क में फंसे 900 से अधिक मजदूरों को बचाने के लिए NDRF, SDRF, कोस्ट गार्ड और सेना की सहायता लेनी पड़ी।
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है,
जिससे राज्य का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है। शिवसागर क्षेत्र में बाढ़ के मटमैले पानी ने कई घरों को डूबो दिया है। लोग अपनी जान की रक्षा के लिए परिवार सहित टिन की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। जोरहाट जिले के गांव भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, जहां राहत और बचाव कार्यों में विभिन्न एजेंसियां जुटी हुई हैं। यहां बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। पहले 10 जिलों के 7 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे, लेकिन अब भी पांच जिलों में 5 लाख से ज्यादा लोग मुश्किल में हैं। विशेष रूप से चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों के 763 गांवों के लोग लगातार पानी की मुसीबत झेल रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों में सेना, NDRF, SDRF, फायर विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस सक्रिय रूप से जुटी है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।

