नई दिल्ली | परिचय टाइम्स | 28 सितंबर 2026 सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति से लगभग ₹7.6 लाख करोड़ साफ हो गए। सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 330 अंकों से ज्यादा फिसलकर लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी है। ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 95 डॉलर के आसपास कारोबार करता रहा। भारत अपनी तेल आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे अर्थव्यवस्था और बाजार की धारणा को प्रभावित करती है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट की एक प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका फिर से गहरा गई है। इससे तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला।
निवेशकों में बढ़ा डर
शेयर बाजार में डर का संकेतक माने जाने वाला India VIX भी 14 प्रतिशत से अधिक उछल गया। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 95.95 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी हाल के दिनों में भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाली है। लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस तरह की गिरावट निवेश का सामान्य हिस्सा है। ऐसे समय में घबराकर निर्णय लेने के बजाय निवेशकों को अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखना और जोखिम के अनुसार निवेश रणनीति तैयार करना बेहतर विकल्प माना जाता है।
प्रमुख आंकड़े
- सेंसेक्स: 72,854 (1,040+ अंक की गिरावट)
- निफ्टी: 22,807 (330+ अंक की गिरावट)
- निवेशकों का नुकसान: ₹7.6 लाख करोड़
- ब्रेंट क्रूड: 107 डॉलर प्रति बैरल के पार
- WTI क्रूड: 95 डॉलर के आसपास
- India VIX: 14.14
- रुपया: 95.95 प्रति डॉलर
परिचय टाइम्स का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर अगले कुछ दिनों तक बाजार की दिशा निर्भर रहेगी।

