लोनी में झोलाछाप डॉक्टरों व बेलगाम मेडिकल संचालकों का बढ़ता कहर

अरुण शर्मा:
लोनी, 8 जून: सरकार द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही हेतु दिए गए सख्त निर्देशों के बावजूद लोनी क्षेत्र में ऐसे डॉक्टरों की भरमार है जो बेखौफ प्रैक्टिस कर रहे हैं। यही नहीं अवैध रूप से भ्रूण हत्या (अबॉर्शन) करने वाले क्लीनको व नर्सिंग होम के नाम पर दुकान खोले बैठे डॉक्टर से भी क्षेत्र अछूता नहीं है। जबकि संबंधित विभाग की ढिलाई के चलते बहुत से मेडिकल संचालकों  को पाबंदी के बावजूद ऐसी दवाइयों को बेचते हुए देखा जा सकता है।


लगभग 17 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र की अनेक कॉलोनियां ऐसी है जहां क्लीनिक या नर्सिंग होम खोलकर बैठने वाले डॉक्टर अयोग्य, गैर पंजीकृत, अप्राधिकृत या अप्रशिक्षित की श्रेणी में न आता हो। कहीं-कहीं तो ऐसे डॉक्टरों की तादाद का यह आलम है कि मानो झोलाछाप डॉक्टरों की मंडी लगी है जिसमें लोनी बॉर्डर से सेवाधाम पुलिस चौकी मार्ग मुख्य रूप से शामिल है। यहां ऐसे दर्जनों डॉक्टर खुलेआम प्रैक्टिस कर रहे हैं जिनमें महिला भी पीछे नहीं है। अफसोस की बात तो यह है कि इस प्रकार के डॉक्टरों की शिकायत कई बार की जा चुकी है जिनके गलत उपचार के चलते मरीज के अंग भंग तक हो जाने की घटाएं शामिल है। इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी यह झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से प्रैक्टिस कर रहे हैं और संबंधित विभागीय अधिकारी है कि न जाने क्यों वह इस ओर से अनभिज्ञ बने बैठे हैं। यहा तक की हाईकोर्ट द्वारा ऐसे डॉक्टरों पर कार्यवाही के लिए दिए गए सख्त आदेशों एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद भी उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।

जबकि ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ इंडियन मैडिकल कौंसिल एक्ट 1958 तथा इंडियन मेडिसिन सेंट्रल कौंसिल एक्ट 1970 तथा इंडियन पेनल कोड के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है। ऐसे क्लीनिकों व नर्सिंग होम की आड़ में अवैध रूप से भ्रूण हत्या (एबॉर्शन) करने का धंधा भी चोरी छिपे किया जाता है। रजिस्टर्ड नर्सिंग होम या क्लीनिक का शिक्षित व योग्य डॉक्टर हो या अवैध क्लीनिक का झोलाछाप डॉक्टर, दोनों ही इस कार्य में संलिप्त है। कभी-कभी तो इस धंधे में संलिप्त डॉक्टर व अन्य लोग ऑपरेशन कराने आई युवती की मजबूरी का लाभ उठाकर उनसे मुंह मांगी रकम वसूलते हैं। क्षेत्र में ऐसे बहुत से डॉक्टर है. जिनसे अवैध रूप से खुले क्लीनिकों पर डॉक्टर बने बैठे पुरुष व महिला कमीशन पर भ्रूण हत्या कराते है।

इस धंधे में लिप्त डॉक्टर पैसा कमाने के लालच में लड़कियों के अवैध गर्भ को गिराने के लिए पूर्णता मदद ही नहीं करते बल्कि आगे के लिए आश्वस्त करते हैं नतीजन यहां अशिक्षित नव युवक और युवतियां भटक जाते हैं। क्षेत्र में बाहर से आकर बसे गरीब तबके के अधिकांश महिलाएं ऑपरेशन के लिए ऐसे ही छोटे-छोटे क्लीनिकों पर जाती हैं जहां डॉक्टर बनी बैठी महिला ऑपरेशन के कार्य को अंजाम देकर अपनी फीस उघा लेती है। ऐसी जगह कराए गए उपचार/ऑपरेशन के बहुत से मामले ऐसे हैं जिनके भयानक परिणाम उपचार और ऑपरेशन कर्त्ताओं को भुगतने पड़े या वे किसी गंभीर बीमारी के शिकार हो गये है।
बात क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोर की करें तो प्रत्येक की वैधता पर विश्वास कर पाना मुश्किल है। यही नहीं कुछ दवाई घरों की एक बड़ी संख्या ऐसी है जो मोटी कमाई के लालच में सरकार द्वारा पाबंद की गई दवाइयों को भी खूब बेच रहे हैं।
अफसोस तो इस बात का है कि उक्त मामले में रोक-टोक के लिए किसी संबंधित विभागीय अधिकारी या जनप्रतिनिधि द्वारा आजतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि लोनी क्षेत्र में उक्त अवैध कारोबार लगातार फलता-फूलता जा रहा है।

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