धुरंधर अभिनेता रणवीर सिंह की परेशानियों पर आखिरकार विराम लगता नजर आ रहा है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर की बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया है। शनिवार, 25 अप्रैल को उन्होंने इस मामले में एफिडेविट दाखिल किया था। नए हलफनामे के आधार पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अब इस मामले को समाप्त किया जा सकता है।

कोर्ट ने रणवीर सिंह को निर्देश दिया है कि वे अगले चार हफ्तों के भीतर मैसूर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर के दर्शन करें। हालांकि, रणवीर की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वे इस निर्देश का पालन कब करेंगे।

कोर्ट में रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई की गई, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का अनुरोध किया था। यह एफआईआर गोवा में संपन्न 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान फिल्म “कांतारा: चैप्टर 1” में ऋषभ शेट्टी के किरदार की मिमिक्री करने को लेकर दर्ज हुई थी। उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत किया और चामुंडेश्वरी देवी को ‘महिला भूत’ कहकर अपमानित किया। इससे पहले, 10 अप्रैल को रणवीर सिंह ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि वह शिकायतकर्ता के साथ मिलकर माफी वाले हलफनामे की भाषा पर सहमति बनाने के लिए काम करेंगे।

शिकायतकर्ता का कहना था कि पहले प्रस्तुत किया गया हलफनामा सच्चे पछतावे को प्रदर्शित नहीं करता. मामला तब बढ़ा जब एक इवेंट के दौरान रणवीर सिंह ने फिल्म की तारीफ करते समय अनजाने में ‘दैव’ को ‘भूत’ कह दिया. उन्होंने कहा था कि उन्होंने कांतारा देखी और ऋषभ शेट्टी का प्रदर्शन बेहद शानदार लगा, खासतौर पर वह दृश्य जहां ‘महिला भूत’ (चामुंडी दैव) उनके शरीर में प्रवेश करता है. इसके बाद रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी के उस किरदार की नकल भी की थी, जो कर्नाटक की पारंपरिक ‘भूता कोला’ संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

हालांकि, रणवीर सिंह ने बाद में सोशल मीडिया के जरिए माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बावजूद एक हिंदू संगठन के सदस्य ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने धार्मिक भावनाओं और दैवों के अपमान का आरोप लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए रणवीर सिंह ने फरवरी में हाई कोर्ट का रुख किया और इस मुद्दे में राहत की मांग की. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया, जो आपसी विद्वेष बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और जानबूझकर अपमानजनक बयान देने से संबंधित हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *