दिल्ली-एनसीआर में गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी अब एक आवश्यकता बन गया है। हालांकि, इसके साथ-साथ एसी फटने और आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही की घटना ग्रेटर नोएडा के बीटा-1 सेक्टर की है, जहां एक घर में एसी फटने के कारण भीषण आग लग गई।
आग इतनी भयानक थी कि पल भर में पूरा फ्लोर धुएं और आग की लपटों में घिर गया। आसपास के लोग घबराहट में इधर-उधर भागने लगे, और कई लोग अपने घरों से बाहर आ गए।
रिपोर्ट्स की मानें तो आग की शुरुआत एसी के कंप्रेसर में हुए ब्लास्ट से हुई. बस कुछ ही मिनटों में आग ने घर के बड़े हिस्से को अपनी जद में ले लिया. अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और घर के सभी सदस्य समय पर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे. दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया.
लेकिन यह पहली घटना नहीं है. बीते कुछ हफ्तों के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आग लगने की वजह एसी, शॉर्ट सर्किट या अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का खराब होना रहा है।
ग्रेटर नोएडा की कई हाईराइज सोसाइटियों में हाल के दिनों में AC कंप्रेसर फटने और शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की घटनाएं देखने को मिली हैं। इन्हीं घटनाओं के दौरान कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम के ठीक से काम न करने की शिकायत भी सामने आई है।
इस समस्या की जड़ क्या है? आखिर AC में आग क्यों लग रही है?
फायर विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में एसी लगातार कई घंटों तक चलता रहता है। ऐसी स्थिति में अगर इलेक्ट्रिकल वायरिंग पुरानी हो, स्टेबलाइजर खराब हो, घटिया गुणवत्ता की लोकल वायर का इस्तेमाल किया गया हो, या लंबे समय से एसी की सर्विसिंग न कराई गई हो, तो पूरा सिस्टम अधिक दबाव झेलने लगता है। कई बार कंप्रेसर जरूरत से ज्यादा गर्म होकर ओवरहीट हो जाता है, जिससे स्पार्किंग होती है और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा, एक और आम समस्या यह है कि लोग तो अपने घरों में एसी इंस्टॉल कर लेते हैं, लेकिन बिजली की वायरिंग को आधुनिक मानकों के अनुसार अपडेट नहीं कराते। पुराने घरों में नई हाई-पावर मशीनें इस्तेमाल की जाने लगती हैं, जबकि उस घर की वायरिंग इतनी क्षमता संभालने के लिए सक्षम नहीं होती। परिणामस्वरूप, शॉर्ट सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

