नई दिल्ली, 07 मई। दिल्ली विश्वविद्यालय के पहले साहित्य महोत्सव में एनसीसी और एनएसएस वालेंटियर्स द्वारा सराहनीय भूमिका निभाने पर डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि जब हमने दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव को डिजाइन किया तो हमारे लिए यह बिल्कुल नया था। लेकिन वह अपने आप में एक सफल आयोजन साबित हुआ, और डीयूएलएफ की उस सक्सेस स्टोरी में आप सबका बहुत बड़ा योगदान है। कुलपति ने विद्यार्थियों से कहा कि आप थे तो हम निश्चिंत थे।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस का संयोजन बहुत अच्छा रहा और सबने मिलकर अच्छे से कम किया। कुलपति ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस मन को मजबूत बनाने का काम करते हैं। ये दोनों संगठन सेवा, करुणा और समर्पण का भाव पैदा करते हैं। इससे नेतृत्व की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल राजनीति तक ही सीमित नहीं होता, जब कोई गिरता है और उसे उठाने के लिए जो हाथ बढ़ता है वह नेतृत्व का हाथ होता है। कुलपति ने कहा कि बच्चों में नेतृत्व और देशभक्ति का भाव जरूरी है, इसकी देश को बहुत आवश्यकता है।

इस अवसर पर डीयू लिट फेस्ट में एनसीसी और एनएसएस के योगदान पर एक बुकलेट का विमोचन भी किया गया। कुलपति ने फेस्ट रजिस्ट्रेशन कमेटी मेंबरों और कॉर्डिनेटरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के आरंभ में एनएसएस कॉर्डिनेटर डॉ नरेंद्र बिश्नोई ने अतिथियों का स्वागत किया और समापन अवसर पर एनसीसी कॉर्डिनेटर प्रो. संजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी और रजिस्ट्रार डॉक्टर विकास गुप्ता सहित अनेकों शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।–

Anoop Lather

Consultant

Media Relations/ PRO

University of Delhi

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