Share market crash

भारतीय शेयर बाजार आज दिनभर तीव्र उतार-चढ़ाव का सामना करता रहा और अंततः कमजोरी के साथ बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स में करीब 516 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 24,200 के स्तर से नीचे खिसक गया। बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण SBI के तिमाही नतीजों के बाद बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली रही। इसके साथ ही अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंताएं और गहरा दीं। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 516 अंक टूटकर 77,328 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 150 अंकों की गिरावट के साथ 24,176 के स्तर पर आ गया।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के तिमाही नतीजों के बाद बाजार में भारी मुनाफावसूली देखी गई, जिसका सीधा असर इसके शेयर पर दिखा। SBI का शेयर लगभग 6% तक गिर गया, जिससे पूरे बैंकिंग सेक्टर में दबाव महसूस किया गया। निफ्टी पर SBI के अलावा कोल इंडिया, HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, अपोलो हॉस्पिटल, टाटा कंज्यूमर, अडानी पोर्ट्स और टाइटन के शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला।

आज बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी PSU बैंक इंडेक्स में देखने को मिली, जिसमें लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके साथ ही ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट रही। प्राइवेट बैंक, मेटल, एनर्जी, पावर और रियल्टी सेक्टर भी दबाव में नजर आए। हालांकि, IT, FMCG, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर्स ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कुछ हद तक कोशिश की।

अमेरिका-ईरान तनाव का वैश्विक बाजारों पर प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस स्थिति ने निवेशकों को जोखिम भरे निवेशों से दूर रहने पर मजबूर किया, जिसके कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी रहीं, जिससे बाजार में अत्यधिक घबराहट फैलने से बच गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाया स्थिर प्रदर्शन

मुख्य बाजार में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स ने मामूली बढ़त दर्ज की। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत कॉर्पोरेट परिणाम और आकर्षक वैल्यूएशन के कारण चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि अभी भी बनी हुई है।

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