दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शुरू हो चुका है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी भाग ले रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है। अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। उन्होंने पहले यह भी कहा था कि वह शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में जाकर प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करेंगे। अनुमति मिलने के बाद वे पेपर लीक के खिलाफ अपनी आंदोलन की शुरुआत करने वाले थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने proactive रुख अपनाते हुए एयरपोर्ट पर ही अभिजीत से मुलाकात की और वहीं प्रदर्शन करने की स्वीकृति प्रदान कर दी।

अभिजीत दीपके ने एक्स पोस्ट में जानकारी दी कि पुलिस ने धरना प्रदर्शन की अनुमति दे दी है, और सभी समर्थक जंतर-मंतर पर एकत्रित होंगे। अभिजीत के अनुसार, उनके समर्थक सुबह से ही संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचने लगे थे। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति मिलने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। शुरुआत में उन्होंने अपने समर्थकों को दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाया था, लेकिन बाद में अपील की कि सभी जंतर-मंतर पर पहुंचे।

जंतर-मंतर में जुट रहे कॉकरोच

अमेरिका के बोस्टन से वापस लौटे दीपके शनिवार सुबह आठ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इसके तुरंत बाद उन्होंने एक्स पोस्ट के माध्यम से अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर एकत्रित होने की अपील की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर जंतर-मंतर तक सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इस प्रदर्शन में जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भाग लेने वाले हैं। दीपके नीट पेपर लीक विवाद और सीबीएसई में हुई कथित अनियमितताओं पर सरकार के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। दिल्ली पुलिस पहले से ही इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अलर्ट मोड में है और जंतर-मंतर पर सुरक्षा इंतजामों को बढ़ा दिया गया है। पुलिस ने जानकारी दी कि शनिवार सुबह तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए कोई आधिकारिक आवेदन नहीं दिया गया था। हालांकि, बाद में अभिजीत नामक व्यक्ति ने पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

दिल्ली पुलिस ने घोषणा की कि छात्रों से उचित अंडरटेकिंग लेने के बाद ही उन्हें प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों, विशेष रूप से नॉर्थ, सेंट्रल, साउथईस्ट और साउथवेस्ट, को निर्देश दिया गया है कि वे प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करें। नई दिल्ली जिले में लगभग 2,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और उन्हें प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस क्षेत्र को 12 ज़ोन में विभाजित किया जाएगा, जहां हर ज़ोन की जिम्मेदारी एक डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी। साथ ही, सभी जिले और यूनिट डीसीपी को एक आंतरिक संदेश भेजा गया है, जिसमें शनिवार को राजधानी के कुछ हिस्सों में बड़ी भीड़, यातायात बाधाओं और कानून व्यवस्था की संभावित चुनौतियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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