दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा है कि प्रदूषण के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में सरकार ठोस आंकड़ों के जरिए अपना पक्ष रखना चाहती है। उन्होंने बताया कि जब पिछली बार आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब दिल्ली में केवल 80 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ था। लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रांसपोर्ट मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना के साथ ठोस कदम उठा रही है।
ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा कि पिछले शासनकाल में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाली रियायत और सब्सिडी पर्याप्त नहीं थी, जिससे EV को प्रोत्साहन नहीं मिल पाया. उन्होंने बताया कि अब वर्तमान सरकार एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लेकर आ रही है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा. पंकज सिंह ने कहा कि इस पॉलिसी के लागू होने के बाद लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे समझाते हुए जागरूक किया जाएगा. यह पॉलिसी पूरी तरह से जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है.
सरकार का ध्यान इलेक्ट्रिक बसों पर केंद्रित दिल्ली में अब तक 3518 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा चुका है, और सरकार ने लक्ष्य रखा है कि नवंबर 2026 तक इस संख्या को बढ़ाकर 7 हजार तक ले जाया जाए. साथ ही, उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए.
चालान, पीयूसी और बॉर्डर पर निगरानी पंकज सिंह ने कहा कि सरकार दीर्घकालिक नीति में विश्वास रखती है और उसी दिशा में कार्य कर रही है. उनके अनुसार, एक लाख से अधिक लोगों ने पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) का पंजीकरण करवाया है. दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर डीटीसी कर्मियों और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. बीते तीन दिनों में अब तक लगभग 1358 वाहनों के चालान किए गए हैं. बॉर्डर क्षेत्र में भी प्रवर्तन टीमें सक्रिय रूप से तैनात हैं और लगातार जांच अभियान जारी है.
रेड लाइट ऑन, इंजन ऑफ योजना पर सवाल ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा लागू की गई ‘रेड लाइट ऑन, इंजन ऑफ’ योजना प्रदूषण को कम करने में प्रभावी नहीं साबित हुई. उन्होंने यह भी बताया कि अब सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी के माध्यम से स्थायी समाधान की दिशा में काम करने पर जोर देगी. अस्पतालों को निर्देश, ट्रांसपोर्ट प्रदूषण पर विशेष ध्यान पंकज सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि सांस से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का त्वरित और प्रभावी इलाज सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुल प्रदूषण का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है और सरकार का उद्देश्य इसे जल्द से जल्द नियंत्रित करना है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंकज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल खुद दिल्ली छोड़कर पंजाब के शीशमहल में रह रहे हैं, तो फिर किस हक से वे दिल्ली के मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट मंत्री ने ट्रैफिक प्रबंधन और मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण की शुरुआत हो चुकी है, जिससे सार्वजनिक परिवहन को और सशक्त बनाया जाएगा।

