बांग्लादेश में हाल के हिंसक हमलों और हिंदुओं पर targeting को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गहरी चिंता जाहिर कर रहा है. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इन मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत समेत दुनिया भर के हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दुनियाभर के हिंदुओं से आह्वान किया है कि वे एकजुट होकर बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की मदद के लिए आगे आएं। इसके साथ ही, मोहन भागवत ने भारत सरकार से भी आग्रह किया है कि वह बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
पिछले सप्ताह बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोप के चलते हुई भीड़ की हिंसा में एक हिंदू युवक की जान चली गई। बांग्लादेश में इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। इस हत्या को लेकर हमलावरों का भारत से संबंध होने की अफवाहें तेज हो गईं। हिंसा के बीच, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग पर भी हमला हुआ, जिससे भारत-बांग्लादेश के संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया में हिंदुओं का एकमात्र देश भारत है। अपनी बात को समझाते हुए उन्होंने आगाह किया कि जो लोग खुद को गर्व से हिंदू कहते हैं, उनसे यह सवाल जरूर पूछा जाएगा कि उन्होंने अपने देश के लिए क्या योगदान दिया है।
मोहन भागवत हाल ही में पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। पश्चिम बंगाल में आगामी तीन महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोलकाता में आयोजित एक विशेष सम्मेलन में शामिल हुए। संघ के शताब्दी समारोह के अवसर पर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की तरह कोलकाता में भी ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे मोहन भागवत ने संबोधित किया। अपने संबोधन में मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति दिन-ब-दिन कठिन होती जा रही है और ऐसे मुश्किल हालात में सभी हिंदुओं को अधिकतम सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर के हिंदुओं को बांग्लादेश के हिंदुओं की सहायता करनी चाहिए। भारत में मौजूद हिंदुओं से भी आग्रह किया कि वे अपनी सीमाओं के भीतर जितना संभव हो, उनकी मदद करें। उन्होंने जोड़ते हुए कहा कि हर संभव प्रयास करना अनिवार्य है, और इस दिशा में कार्य जारी है। विश्वभर के हिंदुओं से अपील करते हुए भागवत ने जोर दिया कि यह सभी का दायित्व है कि वे अपने समुदाय की सहायता करें। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से भी समर्थन की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत हिंदुओं का एकमात्र देश है, और ऐसे में सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए ठोस कदम उठाने होंगे।
मोहन भागवत ने पूरी उम्मीद के साथ कहा कि हो सकता है वे पहले से ही कुछ कर रहे हों। कुछ बातें साफ हो जाती हैं, तो कुछ छुपी रहती हैं। कभी परिणाम सामने आते हैं, और कभी नहीं। लेकिन फिर भी, कुछ करना अनिवार्य है। अपने पूरे संबोधन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुत्व के महत्व और इसके जरिए समाज को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक महान विरासत का धनी देश है और उसे वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार होना चाहिए। अंग्रेजों के शासनकाल का संदर्भ देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भले ही हम अतीत में उनसे युद्ध हार गए थे, लेकिन अब समय आ गया है कि समाज को संगठित और सशक्त बनाया जाए।
इसी बीच, बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। ईशनिंदा के आरोप में एक उपद्रवी भीड़ ने एक हिंदू युवक, दीपू चंद्र दास, की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बांग्लादेश पुलिस के अनुसार, भीड़ इतनी बेकाबू हो गई थी कि हत्या के बाद दीपू का शव पेड़ से बांधकर जला दिया गया। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर दर्जन भर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के मीडिया प्रभाग ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं है और इस घिनौने अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
बांग्लादेश से एक और घटना सामने आई है, जहाँ शरीफ उस्मान हादी के बाद अब एक और छात्र नेता को गोली मारी गई है। यह घटना बांग्लादेश के खुलना क्षेत्र की है, जहां नेशनल सिटिजेंस पार्टी के केंद्रीय श्रमिक संगठन के नेता मोहम्मद मोतालेब सिकदर पर हमला हुआ। इस हमले के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना गाजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास हुई। डॉक्टरों ने बताया है कि फिलहाल छात्र नेता की स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर है। उधर, बांग्लादेश के प्रसंग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि हिंदू समाज एकजुट हो जाए, तो बंगाल की परिस्थिति को बदलने में अधिक समय नहीं लगेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक परिवर्तन पर निर्णय या चर्चा करना उनका कार्यक्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संघ के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने का है और यह उनकी संपूर्ण प्राथमिकता है।

