1 जनवरी से यूपीआई, पीएम किसान योजना, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और आधार-पैन लिंकिंग से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने वाले हैं।
साल 2025 अब समाप्ति की ओर है और केवल 2 दिन शेष हैं, इसके बाद नए साल 2026 का आगमन होगा। नए साल की शुरुआत के साथ ही कई वित्तीय नियमों में बदलाव लागू होने वाले हैं। 1 जनवरी 2026 से होने वाले इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। यहां हम उन मुख्य नियमों की जानकारी दे रहे हैं जो नए साल के पहले ही दिन से लागू हो जाएंगे। इनमें यूपीआई ट्रांजैक्शन, पीएम किसान योजना, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और आधार-पैन लिंकिंग जैसे अहम बदलाव शामिल हैं। आइए इन परिवर्तनों को विस्तार से समझते हैं।
यूपीआई
साइबर धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से बैंक खातों के माध्यम से किए जाने वाले यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान के नियमों में सख्ती लाई जा रही है। अब मोबाइल सिम वेरिफिकेशन के मानदंड भी कड़े किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर होने वाली साइबर अपराध गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सके।
पीएम किसान
पीएम किसान योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए अब यूनिक किसान आईडी आवश्यक होगी। इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना और फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना से हटाना है।
8वां वेतन आयोग
1 जनवरी से पूरे देश में 8वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। इस आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की तनख्वाह और पेंशन में वृद्धि की जाएगी, जो एरियर के साथ उन्हें दी जाएगी।
आधार-पैन लिंक
आधार और पैन कार्ड को जोड़ने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 तय की गई है। यदि कोई व्यक्ति इस तिथि तक अपने आधार और पैन को लिंक नहीं करता है, तो 1 जनवरी, 2026 से उनका पैन नंबर अमान्य हो जाएगा।
1 जनवरी से प्रभावी होंगे ये बदलाव
नए साल की शुरुआत के साथ ही 1 जनवरी से एलपीजी गैस सिलेंडर, पीएनजी, सीएनजी और एटीएफ (एविएशन फ्यूल) की नई कीमतें जारी की जाएंगी। हर महीने इनकी कीमतों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाता है, और नई दरें महीने की पहली तारीख से लागू होकर पूरे महीने प्रभावी रहती हैं। इसके अतिरिक्त, कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां भी 1 जनवरी, 2026 से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रही हैं।

