भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली। मंगलवार को सेंसेक्स 1,065 अंकों की गिरावट के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंक लुढ़ककर 25,232.50 पर थमा। इसी दौरान निफ्टी बैंक में भी 487 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 1,200 अंक और निफ्टी 400 अंक तक नीचे जा चुके थे। इस तीव्र गिरावट ने मंगलवार को निवेशकों को बड़ा झटका दिया, जिससे उनके लगभग 10.12 लाख करोड़ रुपये पलक झपकते ही डूब गए।

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से केवल एचडीएफसी बैंक के शेयर बढ़त पर रहे, जबकि बाकी सभी 29 शेयरों में गिरावट देखी गई। सबसे बड़ी गिरावट जोमैटो के शेयरों में दर्ज की गई, जो 4 फीसदी से अधिक टूटे। इसके बाद बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, इंडिगो, रिलायंस और टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में भी भारी गिरावट आई।

सोमवार को बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 465.68 लाख करोड़ रुपये था, जो आज घटकर 455.72 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। इसका मतलब है कि मात्र एक दिन में 10.12 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।

सारे सेक्टरों में गिरावट एनएसई पर सभी सेक्टर लाल निशान के साथ बंद हुए। रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा, 5 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। इसके बाद ऑटो सेक्टर में 2.50 फीसदी, फाइनेंसियल सेक्टर में 1.4 फीसदी और अन्य लगभग 1 फीसदी तक नीचे गए।

  • मंगलवार को आईटी शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जब निवेशकों ने जोरदार बिकवाली की, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स दो महीने से अधिक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। विप्रो के शेयर करीब 3 प्रतिशत तक टूट गए, जबकि एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में 6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
  • नए टैरिफ को लेकर फैली चिंता ने वैश्विक निवेश धारणा पर असर डाला है और ट्रेड वॉर का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अधिक अमेरिकी नियंत्रण का प्रयास करते हुए आठ यूरोपीय संघ के देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है। वहीं, फ्रांस ने भी 200 प्रतिशत तक के टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है।
  • विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली बाजार की धारणा पर दबाव डाल रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दसवें दिन अपने शेयरों की बिक्री जारी रखी। सोमवार को एफआईआई ने लगभग 3,263 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
  • इस बीच, सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है। मंगलवार को सोना पहली बार $4,700 प्रति औंस के आंकड़े को पार कर गया, जबकि ट्रंप द्वारा यूरोपीय सहयोगियों पर अतिरिक्त टैरिफ की धमकी के बाद चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।

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