अपनी प्रभावशाली अभिनय क्षमता से हर किरदार में जान डालने वाले अभिनेता राजपाल यादव इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन पर करोड़ों का कर्ज है। राजपाल की इस स्थिति को देखते हुए बॉलीवुड के कई दिग्गज उनके समर्थन में आ रहे हैं। सलमान खान, अजय देवगन और वरुण धवन जैसे प्रमुख सितारे अब उनके करोड़ों के लोन को चुकाने में मदद करने के लिए आगे आए हैं।
राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने जानकारी दी है कि बॉलीवुड के कई बड़े नाम उनके सहायक बनने के लिए आगे आए हैं। Screen को दिए गए ताजा इंटरव्यू में गोल्डी ने बताया कि राजपाल यादव की सहायता के लिए कई लोग हाथ बढ़ा रहे हैं। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे सितारों ने सहयोग किया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी हाल ही में डेविड धवन से फोन पर बात हुई, जिन्होंने भी संपर्क किया है। रतन नैन, वरुण धवन समेत कई अन्य लोग भी उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। राजपाल यादव इन सभी के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
राजपाल के जेल से रिहा होने का सबको बेसब्री से इंतजार है। इस बीच, गोल्डी ने आशा जताई है कि राजपाल जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में परिवार को हिम्मत बनाए रखनी होगी। राजपाल भाई खुद बेहद मजबूत व्यक्तित्व के मालिक हैं, और यही मजबूती उनके पूरे परिवार में भी नजर आती है। घर में आने वाले दिनों में कई सेलिब्रेशन होने वाले हैं। फरवरी के अंत में पारिवारिक फंक्शन तय हैं, और हर कोई चाहता है कि तब तक राजपाल भाई घर वापस आ जाएं। उम्मीद है कि वह कल तक रिहा हो सकते हैं। गोल्डी ने जानकारी देते हुए आगे कहा कि कल उनकी जमानत पर सुनवाई होनी है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि जमानत मंजूर हो जाएगी और राजपाल को रिहाई मिल जाएगी। उनकी जमानत की याचिका पहले ही दाखिल की जा चुकी है। कल की सुनवाई के बाद ही कोई ठोस जानकारी साझा की जा सकेगी। इससे पहले अभिनेता सोनू सूद, गुरमीत चौधरी, केआरके और राव इंद्रजीत सिंह ने राजपाल की मदद का भरोसा दिया था। इसके अलावा, नेता तेज प्रताप यादव ने भी राजपाल की सहायता के लिए 11 लाख रुपये दान देने की घोषणा की है।
राजपाल यादव किस मामले में फंसे हैं?
यह मामला साल 2010 का है, जब उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। दुर्भाग्यवश, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे यह उधारी चुकाने में असमर्थ हो गए। इस दौरान उन्होंने कई चेक दिए, लेकिन वे बाउंस हो गए। इसके चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। देखते ही देखते उनका लोन बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और आखिरकार उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा।

