अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरोषोत्तम कुमार की अदालत ने हत्या के मामले में माँ बेटे सहित तीन आरोपितों को सुनाई उम्रकैद की सजा तथा जुर्माना भी लगाया
07.03.2019 को रवि कुमार पुत्र श्याम लाल निवासी इस्माईलपुर फरीदाबाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी अनामिका जो कि फ़ाइनेंस का काम करती है 06 मार्च भगत और गीनू नाम के व्यक्तियों के साथ किसी काम से बाहर गई है जो वापस नहीं लौटी है मुझे शक है की इन्होंने कहीं छुपा कर रखा हुआ है । पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की । पुलिस ने अपनी जांच के दौरान 10 मार्च को अम्बिका भगत पुत्र सुदर्शन और मधु तिवारी पत्नी दिनेश कुमार तथा उसके बेटे मनीष उर्फ मोनू निवासी मोल्डबंद दिल्ली को गिरफ्तार किया गया । अपने फर्द इंसाफ़ में आरोपी अंबिका भगत ने कबूल किया कि उसने ही अनामिका को बहाने से मोलडबंद दिल्ली बुलाकर मधु तिवारी और उसके बेटे मनीष उर्फ मोनू के साथ मिलकर गला दबाकर अनामिका की हत्या कर दी तथा उसके शव को घर में बने सेफ्टी टैंक में डाल दिया । आरोपी ने बताया कि 5-6 साल पहले उसने मृतिका से एक प्लॉट ख़रीदने बाबत एग्रीमेंट किया था और इस एवज 14 लाख रुपये दिए थे ना वो प्लॉट दे रही थी ना ही पैसे वापस कर रही थी । इसलिए उसने मधु तिवारी और उसके बेटे के साथ मिलकर योजना बनाकर उसकी हत्या कर दी । पीड़ित पक्ष की तरफ़ से पैरवी कर रही उप जिला न्यायवादी डॉक्टर रेखा जे एस जांगड़ा ने बताया कि अदालत में चली न्यायिक प्रक्रिया में 27 गवाहो के बयान दर्ज कराए गए । अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरोषोत्तम कुमार की अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और तीनों पर एक लाख 87 हज़ार का जुर्माना भी लगाया ।

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