महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के आशीर्वाद से शुरू होगा, “लुनिया विनायक नारी सशक्तिकरण – वूमन एंपावरमेंट प्रोग्राम” 5 वर्षों में 8 लाख महिला उद्यमी और 5 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य, इंदौर/सिलीगुड़ी | विशेष संवाददाता

देशभर में महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के उद्देश्य से लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की है। समूह के अनुसार, आगामी पांच वर्षों में देश की 8 लाख महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा लगभग 5 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा महाकाल के आशीर्वाद से की जाएगी। इसी दिन से महिला उद्यमिता कार्यक्रम के लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

बहु-आयामी “मल्टी-वेंचर्स” गृह उद्योग मॉडल
ग्रुप द्वारा प्रस्तुत मॉडल महिलाओं को सुरक्षित, संरचित एवं दीर्घकालिक व्यवसायिक अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के अंतर्गत निम्न क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे:

फूड प्रोसेसिंग एवं घरेलू खाद्य उद्योग
डेकोरेटिव एवं डिवोशनल प्रोडक्ट्स
आर्टिफिशियल फ्लोरिस्ट एवं क्राफ्ट
वुडन एवं बांस आधारित उद्योग
आईटी एवं एजुकेशन सेक्टर
हेल्थ, वेलनेस एवं हर्बल प्रोडक्ट्स
स्मॉल फार्मिंग एवं बी-फार्मिंग
यह मॉडल विशेष रूप से गृह उद्योग आधारित संरचना पर विकसित किया गया है, जिससे महिलाएं अपने स्थानीय स्तर पर उत्पादन कर सकें।

महिलाओं को मिलेगा संपूर्ण व्यवसायिक सहयोग
चयनित प्रतिभागियों को समूह द्वारा निम्न सुविधाएं प्रदान की जाएंगी:

LLP कंपनी रजिस्ट्रेशन (साझेदारी मॉडल)
कानूनी एवं वैधानिक अनुपालन सहायता
आवश्यक मशीनरी
व्यावसायिक प्रशिक्षण
कच्चा माल उपलब्धता
महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को लुनिया विनायक ग्रुप स्वयं खरीदेगा, जिससे बाजार जोखिम कम होगा और आय की स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी।

“0% लॉस – 0% वेस्टेज” मॉडल
यह संपूर्ण योजना “0% लॉस – 0% वेस्टेज” सिद्धांत पर आधारित होगी। समूह का दावा है कि इस संरचना के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित एवं योजनाबद्ध आय मॉडल उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम की समय-सीमा
15 फरवरी 2026 – पंजीयन प्रारंभ
1 मार्च 2026 – प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
अक्षय तृतीया से – उत्पादन कार्य शुरू
अप्रैल से पूर्व – LLP पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण
निवेश संरचना
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिलाओं को केवल ₹20,000 का एकमुश्त निवेश करना होगा। शेष सभी व्यवस्थाएं — कानूनी पंजीकरण, मशीनरी, कच्चा माल एवं प्रशिक्षण — समूह द्वारा उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है।

चेयरपर्सन का वक्तव्य
लुनिया विनायक ग्रुप के चेयरपर्सन जैन विनायक अशोक लुनिया ने कहा:

“यह केवल एक व्यावसायिक योजना नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय आंदोलन है। हमारा लक्ष्य पांच वर्षों में 8 लाख महिला उद्यमी तैयार करना और 5 करोड़ रोजगार अवसर सृजित करना है। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर हम इस परिवर्तनकारी अभियान की शुरुआत कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भारत में निर्मित हर्बल एवं खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजारों में निर्यात करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। साथ ही, देशभर के कलाकार एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रचारक इस अभियान के प्रचार-प्रसार में सहयोग करेंगे।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में पहल
यह पहल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। समूह का कहना है कि यह एक गैर-सरकारी कॉर्पोरेट महिला उद्यमिता मिशन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

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