Tag: Parichaytimes

अस्तित्व विहीन – डॉ.राजीव डोगरा

बड़े-बड़े सिकंदरयहाँ आयेमानते थे खुद कोबड़े बलशाली धुरंधर। फिर भी बचा न सकेअपने अस्तित्व कोसमेट लियामिट्टी ने अपने अंदर। खुद को खुदा जाना थेमगर औरों कोसदा गधा पहचानते थे। खुदा…

PNB (पीएनबी) खातेधारक सावधान: 15 अप्रैल के बाद आपका खाता हो सकता है बंद!

PNB बैंक अलर्ट: पंजाब नेशनल बैंक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने खाताधारकों को यह जानकारी साझा की है, साथ ही 15 अप्रैल के बाद खाते बंद किए जाने…

अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए आईएईए एवं भास्कराचार्य कॉलेज के बीच हुआ एमओयू

अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान एवं प्रशिक्षण तथा पेशेवर दक्षताओं के विकास हेतु भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ (आईएईए) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज के बीच…

नवरात्रि 2026: दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें आरती, मंत्र और भोग

नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी अंबे के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। वर्ष 2026 में, नवरात्रि का दूसरा दिन 20 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी…

धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर तूफान: रिलीज से पहले ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल!

भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ अपनी रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने के लिए तैयार…

पैन-इंडिया स्टार्स जो अपनी आने वाली फिल्मों में अलग-अलग दौर को पर्दे पर जीवंत करेंगे

पीरियड ड्रामा और अलग-अलग समयकाल पर आधारित कहानियों का दर्शकों के बीच हमेशा एक खास आकर्षण रहा है। ये फिल्में हमें एक अलग दौर में ले जाती हैं – चाहे…

हॉर्मुज़ की हलचल से खेतों तक पहुंचा संकट. उर्वरक निर्भरता पर बड़ा सवाल

रातों-रात कुछ नहीं बदलता। लेकिन दुनिया की सबसे अहम समुद्री गलियों में अगर हलचल बढ़ जाए, तो उसका असर चुपचाप खेतों तक पहुंच जाता है। इसी कड़ी में ज़ीरो कार्बन…

राजधानी में ‘रंगीलो राजस्थान’ की झलक: बीकानेर हाउस बना कला, शिल्प और लोक संस्कृति का आकर्षण केंद्र

राष्ट्रीय राजधानी स्थित बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित ‘राजस्थान उत्सव’ के तीसरे दिन पूरा परिसर राजस्थानी कला, शिल्प और लोक परंपराओं के रंगों से सजा नजर आया। आयोजन स्थल…

बोलती परछाइयाँ में स्मृतियों, संवेदनाओं और जीवन-दर्शन की गहन अभिव्यक्ति

समकालीन हिंदी साहित्य में संस्मरण और आत्मानुभव आधारित लेखन की एक विशिष्ट परंपरा रही है, जिसमें लेखक अपने जीवन के अनुभवों, सामाजिक परिवेश और मानवीय संबंधों को साहित्यिक रूप में…